सूत्रों का कहना है कि रिमांड पर लेने के बाद अब निशांत से मिलेट्री इंटेलीजेंस केअधिकारियों के साथ-साथ अलग अलग सुरक्षा एजेंसियां भी निशांत से पूछताछ करेंगी। मालूम हो कि पिछले महीने यूपी एटीएस ने नोएडा से हनी ट्रैप में फंस कर आईएसआई की जासूसी कर रहे बीएसएफ के जवान अच्युतानंद मिश्रा को गिरफ्तार किया था।
अच्युतानंद मिश्रा को जिन फेसबुक आईडी का इस्तेमाल कर फंसाया गया था, उक्त आईडी समेत कई अन्य फेक आईडी के बारे में एटीएस को जानकारी हुई। जिसके बाद रक्षा संबंधी प्रतिष्ठानों से जुड़े तीन अधिकारियों से उक्त आईडी के संपर्क की जानकारी मिली थी।
जिसके आधार पर निशांत अग्रवाल को एटीएस की टीम ने नागपुर से 8 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया था। केंद्रीय एजेंसियां भी आईएसआई की पूरी मॉडस अपरेंडी समझने की कोशिश करेंगी कि आखिर वह किस तरह बड़े-बड़े अधिकारियों को अपनी जाल में फंसा रहे हैं और उनसे गोपनीय सूचनाएं ले रहे हैं।