अयोध्या मामले के हिंदू पक्षकार निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास ने राममंदिर की दिशा में सरकार की ओर से विशेष डेस्क गठित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपनी पारदर्शिता साबित की है। कहा कि अयोध्या मामले का निर्णय ऐतिहासिक है और अब फैसले का अनुपालन भी पूरी पारदर्शिता से करने के प्रयास में सरकार जुटी हुई है।
सरकार के इस निर्णय ने यह साबित कर दिया कि ट्रस्ट गठन की राह में कोई रोड़ा नहीं है। हम चाहते हैं कि सरकार अतिशीघ्र राममंदिर का निर्माण शुरू करे।
महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि सभी धर्मों के लोग अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण चाहते हैं। अयोध्या पहले से ही सांझी संस्कृति की विरासत है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, जैन सभी धर्मों के लोग अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण चाहते हैं इसमें कहीं कोई शक नहीं है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार के इस कदम से यह साबित होता है कि राममंदिर निर्माण की दिशा में चरणबद्ध ढंग से सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने जहां राममंदिर का मार्ग प्रशस्त किया, वहीं मुस्लिम समाज को भी पांच एकड़ जमीन देकर संतुष्ट किया। फैसला आने के बाद जिस तरह से पूरे देश में शांति रही वह यह साबित करती है कि कोर्ट के फैसले को हर वर्ग ने स्वीकार किया है। अब सभी को दिव्य-भव्य राममंदिर निर्माण का इंतजार है।
रामनवमी से आएगी राममंदिर निर्माण की दिशा में तीव्रता: विहिप
विहिप ने सरकार द्वारा अयोध्या मामले में विशेष डेस्क गठित किए जाने का स्वागत किया है। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि यह प्रगति का सूचक है, राममंदिर का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
कहा कि रामनवमी से राममंदिर निर्माण की दिशा में तीव्रता आएगी। ट्रस्ट गठन अब शीघ्र होने को है। अगले कुछ ही दिनों में ट्रस्ट बनते ही राममंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा और रामलला कपड़े के मंदिर से बाहर निकलकर भव्य मंदिर में विराजेंगे।