उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को राजकीय निर्माण निगम, सेतु निगम और उपशा के कामों की गहन समीक्षा की। उन्होंने राजकीय निर्माण निगम (आरएनएन) के कामकाज को अपेक्षा के अनुरूप नहीं बताया, जिसके चलते देर शाम उसके एमडी विश्वदीपक को हटा दिया गया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक प्रोजेक्ट की समीक्षा होगी। तय लक्ष्य के अनुसार सेतु निगम हर दो दिन में एक पुल का निर्माण पूरा करे। उन्होंने निर्माण निगम को चालू वित्त वर्ष में 7500 करोड़ रुपये के काम करने के निर्देश भी दिए।
आरएनएन के कामकाज की समीक्षा में पर्यटन और चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के काम लटके हुए होने की जानकारी मिली। कई कॉन्ट्रैक्टर्स ने काम की माप (एमबी) होने के बावजूद पेमेंट न होने की शिकायत की। टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में भी लापरवाही मिली।
इस पर केशव ने परियोजना प्रबंधकों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने के लिए कहा। पिछली सरकारों के अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य मार्ग विकास प्राधिकरण (उपशा) के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि जाम से मुक्ति दिलाने के लिए राजमार्गों पर पुल और फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग ने 17 मार्गों की फिजिबिलिटी के अध्ययन का काम उपशा को सौंपा है। आरएनएन के एमडी विश्वदीपक ने बताया कि वर्तमान में निगम में 1125 कार्य प्रदेश में और 686 कार्य प्रदेश के बाहर चल रहे हैं। वर्ष 2017-18 में करीब 78 करोड़ का लाभांश रहने की बात कही।
सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल ने बताया कि निगम 182 दीर्घ सेतुओं का निर्माण करवा रहा है, जिनकी कुल लागत 5500 करोड़ रुपये है। चालू वित्त वर्ष में कुल 53 दीर्घ सेतु और 47 रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण पूरा होगा।
सेतु निगम 25-26 मई को लखनऊ में सेतु निर्माण एवं डिजाइन पर कार्यशाला का आयोजन करेगा। उधर, देर शाम राजन मित्तल को आरएनएन का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया। विश्वदीपक को उपशा में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।