लखनऊ। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में बांड के तहत आए नॉन पीजी जेआर डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी है। इसमें किसी डॉक्टर का चयन पीजी में हो गया है तो कोई काम का लोड न झेल पाने से सेवा देने को राजी नहीं हुआ है।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में 400 बेड हैं। हर दिन 200-250 मरीज कैजुअल्टी में आते हैं। इसमें 80-90 मरीज भर्ती किए जाते हैं। मार्च में बांड के तहत एक लाख रुपये से अधिक के वेतन पर 11 नॉन पीजी जेआर का चयन हुआ था। इन्हें ट्रॉमा में सेवा देनी थी। कुछ डॉक्टर शुरुआती दिनों में आए भी, मगर फिर एक-एक कर नौ लोगों ने सेवा देने से मना कर दिया, जबकि दो डॉक्टर अभी छुट्टी पर चल रहे हैं।
नौ डॉक्टरों के अचानक चले जाने से विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी हो गई है। ट्रॉमा कैजुअल्टी में मरीजों को इलाज मिलने में अड़चन आ रही है। प्रबंधन अब नए सिरे से डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने की तैयारी में है। ट्रॉमा प्रभारी डॉ. प्रेमराज के मुताबिक, कई नॉन पीजी जेआर का चयन पीजी में हो गया है, जबकि कई काम का लोड अधिक होने से सेवा देने को राजी नहीं है। बताया बांड के तहत आए इन नॉन पीजी जेआर की रिपोर्ट डीजीएमई को भेजी जा रही है, जहां से इनसे बांड की राशि जमा कराई जाएगी।