मोदी सरकार के अंतिम पूर्ण बजट में देश भर में नए 24 मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कही गई है। उत्तर प्रदेश को इनमें से आठ मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए केंद्र से सहायता मिलेेगी। इनमें पांच जिलों में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं, तीन जिलों में इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के लिए 189 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
प्रदेश में अभी आगरा, झांसी, गोरखपुर, मेरठ, कानपुर, अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन, आजमगढ़, इलाहाबाद में राजकीय मेडिकल कॉलेज, एक चिकित्सा विवि केजीएमयू लखनऊ, रूरल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज सैफई, डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ, कानपुर में जेके कैंसर इंस्टीट्यूट और एलपीएस हृदय रोग संस्थान हैं।
इनके अलावा शाहजहांपुर, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद, फैजाबाद के जिला अस्पतालों को 300 बेड में परिवर्तित करके मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसार देवरिया, ललितपुर और मिर्जापुर में भी मेडिकल कॉलेज खोले जाने हैं, लेकिन जमीन व अन्य विवादों के चलते काम शुरू नहीं हुआ है।
नए मेडिकल कॉलेज बनाने में ऐसे जिलों का चयन किया जा रहा है, जहां के जिला अस्पताल की क्षमता को बढ़ाकर 200 से 300 बेड का किया जा सके। साथ ही उस जिले में मेडिकल कॉलेज न हो। केंद्र सरकार से इसमें 80 फीसदी बजट मिलने का प्रावधान है, जबकि 20 फीसदी राज्य सरकार को खर्च करना है। विभाग के अनुसार बदायूं और जौनपुर में पहले से ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है। बदायूं में 2018 सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने की कवायद चल रही है।