भारतीय लड़कियों को महंगे गिफ्ट का झांसा देकर ठगने वाले नाइजीरियन गैंग के गुर्गे ओगोहा (24) को साइबर सेल की टीम ने चारबाग से दबोच लिया। ओगोहा दिल्ली में रहकर ठगी को अंजाम दे रहा था। ठग ओगोहा फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर लड़कियों से दोस्ती करता।
उनके बर्थडे पर महंगा गिफ्ट भेजने का झांसा देता। बाद में गिफ्ट कस्टम में फंसने की बात कह कस्टम ड्यूटी चुकाने के नाम पर अपने अकाउंट में पैसे जमा करा लेता था। उसने पचास हजार डॉलर का चेक और आई पैड भेजने का झांसा दिया था।
साइबर सेल के नोडल अफसर व सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि नाइजीरिया के बेनिन सिटी निवासी ओगोहा ने ब्रिटिश नागरिक हेमेन फ्रॉयड के नाम से फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाई थी।
यह गैंग लड़कियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्त बनाता। उसके बाद ओगोहा महंगे बर्थडे गिफ्ट भेजने का झांसा देता। फिर फोन और मैसेज कर गिफ्ट कस्टम में फंसे होने का झांसा देता। इसके बाद आगे का काम गिरोह संभाल लेता। इसके लिए गैंग में कई भारतीय लड़के-लड़कियां शामिल हैं।
ये लोग खुद को दिल्ली एयरपोर्ट के कस्टम और सर्विस टैक्स विभाग का अफसर बताते हैं। इनका काम हिंदी व अंग्रेजी में लड़कियों से बातचीत करके उनसे ठगों के बैंक अकाउंट में रुपया जमा कराना होता है।
मेडिकल और बिजनेस वीजा पर तीसरी बार आया था भारत
ओगोहा मेडिकल और बिजनेस वीजा पर तीसरी बार भारत आया था। सीओ ने बताया कि वर्ष 2013 में वह पहली बार मेडिकल वीजा पर भारत आया था तबसे ठगी कर रहा है। वीजा अवधि खत्म होने पर वह लौट गया और कुछ हफ्तों बाद दोबारा बिजनेस वीजा लेकर यहां आ गया।
वीजा खत्म होने के बाद वह नाइजीरिया लौटा और हाल ही में फिर से बिजनेस वीजा लेकर वह तीसरी बार भारत पहुंच गया। उसके वीजा की अवधि 2016 तक है।
भेजा जेल,
ओगोहा को जेल भेज दिया गया है। उसके गैंग के अन्य सदस्यों के नाम-पते मालूम करने के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी जाएगी।
बाराबंकी की पीड़िता ने बताया था कि ओगोहा ने उसे फोन व मैसेज करके गिफ्ट के कस्टम विभाग में पकड़े जाने की जानकारी दी। इसके बाद एक लड़की ने खुद को कस्टम अधिकारी बताते हुए फोन करके गिफ्ट की कीमत का टैक्स अदा करने के लिए कहा। उस लड़की ने एचडीएफसी का एक बैंक अकाउंट नंबर दिया जिसमें पीड़िता ने रुपये भेज दिए।
इसके बाद दोबारा सर्विस टैक्स विभाग का अफसर बताते हुए एक लड़के ने फोन कर टैक्स जमा करने के लिए एसबीआई का अकाउंट नंबर दिया। दोनों ठगों ने उससे कुल 3,43,000 रुपये जमा कराए। ठगी की शिकार बाराबंकी की युवती ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसकी जांच साइबर सेल को सौंपी गई थी।
इसी बीच सेल के दरोगा विजयवीर सिंह सिरोही, सिपाही फिरोज बदर, अखिलेश और बाराबंकी में दर्ज एफआईआर की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर कुलभूषण सिरोही को पता चला कि ओगोहा किसी शिकार से मिलने राजधानी आ रहा है।