लखनऊ। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बख्शी का तालाब स्थित रामसागर मिश्र अस्पताल में सीतापुर के मछरेहटा मिश्रीपुर निवासी पीलिया से पीड़ित बच्ची कोमल का इलाज करने से इन्कार करने की खबर का स्वतः संज्ञान लेकर मुख्य सचिव से दो सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी भी मांगी है।
दरअसल, आयोग ने 14 अगस्त को अमर उजाला में प्रकाशित खबर का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया था कि कोमल की मां सुनीता और पिता को उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि अस्पताल के डॉक्टरों ने दो घंटे तक बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कोमल का इलाज नहीं किया। ऐसे में मां बेटी का सिर गोद में लेकर अस्पताल के बरामदे में बैठी रही थीं।
जब उसकी हालत बिगड़ी, तो पिता अपनी बाइक पर बैठाकर निजी अस्पताल ले गए, उन्हें एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी। आयोग का कहना है कि यह मानव अधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है।