उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ समान कार्य समान वेतन सहित अपनी आधा दर्जन मांगों को लेकर 21 जनवरी को हड़ताल रहेगी। शनिवार को प्रदेश भर में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, सीएचसी व अस्पतालों में दो घंटे का कार्य बहिष्कार करके संविदा कर्मियोंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पूर्ण हड़ताल से पहले चेतावनी भी दी। 21 जनवरी की हड़ताल से इमरजेंसी सेवाओं को मुक्त रखा जाएगा।
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के मीडिया प्रभारी विजय बाजपेई, प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह, महामंत्री डॉ. आईएम तव्वाब ने बताया कि संविदा कर्मचारी समान कार्य के साथ समान वेतन, मानव संसाधन नीति, आउट सोर्सिंग को समाप्त करने, सृजित पदों के सापेक्ष कार्यरत संविदा कर्मचारियों को समायोजन, वेतन विसंगति, मृतक आश्रित परिवार को अनुकंपा के आधार पर नौकरी और निष्कासित कर्मचारियों की ससम्मान बहाली की मांग कर रहे हैं।
इन मांगों को लेकर कई बार विभाग व एनएचएम अधिकारियों को बताया जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में दो घंटे का कार्यबहिष्कार करके चेतावनी दी गई है। पदाधिकारियों ने कहा कि जो भी चिकित्सा इकाईयां एनएचएम संविदा चिकित्सा अधिकारी, कर्मचारी चला रहे हैं उन सभी में 21 जनवरी को कार्य बहिष्कार किया जाएगा। शासन-प्रशासन ने इसके लिए कर्मचारियों को मजबूर किया है। विजय बाजपेई ने बताया कि सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, सीएचसी व अस्पतालों में एनएचएम संविदा कर्मियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया।