नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की अनुश्रवण समिति के आदेश के बाद भी नगर निगम खुले में कूड़ा डालना बंद नहीं कर पाया है। 31 दिसंबर तक सड़कों पर कूड़ा गिराना बंद करने के लिए अनुश्रवण समिति के चेयरमैन जस्टिस डीपी सिंह ने आदेश किया था। इसके बाद भी अनुश्रवण समिति को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। वहीं अनुश्रवण समिति व यूपीपीसीबी नगर निगम को लगातार नोटिस देकर कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. रामकरन ने बताया कि तीन महीने में 100 से अधिक नोटिस हम नगर निगम को भेज चुके हैं। अधिकांश शिकायतें सड़कों पर कूड़ा जमा करने और कई दिन तक कूड़ा नहीं उठाने को लेकर हैं। जहां पुराने लखनऊ के चौक, अमीनाबाद, कैसरबाग से शिकायतें मिल रही हैं। वहीं आशियाना, अलीगंज और गोमतीनगर जैसी विकसित कॉलोनियों तक में सड़कों पर कूड़ा इकट्ठा किया जाना बंद नहीं हुआ है। सख्ती के बाद ग्वारी में साइट बंद हुई तो अब गलियों में अंदर कूड़ा नजर आने लगा है। शहीद पथ के नीचे अंडरपास तक कूड़े से अटे हुए हैं।
नोटिस भेजा उसके बाद जागा एलडीए
डॉ. रामकरन का कहना है कि गोमतीनगर विस्तार में कूड़े की समस्या को लेकर एलडीए को भी नोटिस भेजा गया है। इसके बाद अब वहां सफाई व्यवस्था को निजी कंपनी को देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्दी ही समस्या खत्म करने के लिए उन्होंने वादा किया है।
एनजीटी से मांगा जुर्माना लगाने का अधिकार
डॉ. रामकरन का कहना है कि हमने एनजीटी से कहा है कि तीन महीने से नगर निगम को नोटिस भेज रहे हैं। इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। ऐसे में जरूरी है कि जुर्माना लगाने की कार्रवाई हो। वायु प्रदूषण एक्ट में अभी तक जुर्माना की कार्रवाई शामिल नहीं हुई है। उम्मीद है कि जल्दी ही जुर्माना की कार्रवाई शुरू की जा सकेगी।
वादा, खुले में जल्दी नहीं दिखेगा कूड़ा
अनुश्रवण समिति के सचिव जस्टिस राजेंद्र सिंह ने बताया कि 16 फरवरी की बैठक में नगर आयुक्त को बुलाया गया था। उन्होंने कहा है कि जल्दी ही सभी खुली साइटों को बंद कर दिया जाएगा। सड़कों पर कूड़ा नहीं इकट्ठा किया जाएगा। नगर विकास विभाग एक नई नीति भी बना रहा है जोकि मार्च तक लागू हो जाएगी। इसमें जिम्मेदार अधिकारियों पर भी जुर्माना लगाने और कार्रवाई करने का नियम शामिल कराया गया है।