सरकार मंत्रियों और नौकरशाहों की पसंदीदा अंबेसडर कार के स्थान पर नए वाहन की खोज में जुट गई है।
वित्त और लघु उद्योग विभाग के बीच इस मामले में लंबी खतो-किताबत के बाद शासन ने वाहन का नाम सुझाने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है।
यह कमेटी माननीयों और अफसरों की पसंद का ख्याल रखते हुए नए वाहन का नाम सुझाएगी।
अभी तक था अंबेसडर का सहारा
प्रदेश में मंत्रियों के साथ शासन व प्रशासन के अफसरों के लिए अब तक अंबेसडर कार खरीदी जाती रही है।
पिछले काफी दिनों से सरकारी विभागों द्वारा शासन को लगातार यह बताया जा रहा है कि इस कार का निर्माण बंद होने से नए वाहनों की खरीद नहीं हो पा रही है।
अंबेसडर की जगह कौन सा वाहन खरीदा जाए, इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा जा रहा है।
लघु विभाग ने कहा, उच्चस्तरीय कमेटी दे सुझाव
वित्त विभाग ने पिछले दिनों वाहन का नाम सुझाने की जिम्मेदारी लघु उद्योग विभाग को सौंपी थी लेकिन उसने अकेले निर्णय करने के बजाय शासन से विभिन्न विभागों की एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाने की संस्तुति कर दी।
अब उच्चस्तर से एक कमेटी गठित करने पर सहमति दे दी गई है। प्रमुख सचिव वित्त की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में प्रमुख सचिव परिवहन, प्रमुख सचिव लघु उद्योग व राज्य संपत्ति अधिकारी शामिल होंगे।
अंबेसडर के आस-पास हो कीमत
यह कमेटी अंबेसडर कार की कीमत के आसपास वाले दूसरे वाहनों के नाम सुझाएगी। इसके बाद अंबेसडर के स्थान पर नए वाहन खरीदे जा सकेंगे।
प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने बताया कि कमेटी का जल्दी ही गठन कर नए वाहन का नाम तय कर लिया जाएगा।