हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने को नगर निगम ने एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। इसमें हर कर्मचारी की हदबंदी के साथ यह भी तय कर दिया गया है कि एक सफाई कर्मचारी रोजाना 50 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में सफाई करेगा।
हर वार्ड में कचरा डिस्पोजल सेंटर व स्वच्छता समितियां बनाई जाएंगी। वहीं, सफाई व कूड़ा उठाने के लिए वार्ड में 260 घरों पर एक क्लस्टर बनाया जाएगा। संसाधनों की कमी पूरा करने को एक हजार रिक्शा ट्रॉली, झाड़ू व पंजे भी खरीदे जाएंगे।
नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार को कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। व्यवस्था में सुधार को लेकर कचरा निस्तारण की व्यवस्था को डिसेंट्रलाइज किया जाएगा।
दो करोड़ से बनाए जाएंगे दस एमआरएफ सेंटर
कचरा निस्तारण व्यवस्था सुधारने के लिए शहर में दस स्थानों पर मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) बनाने की योजना है। इसमें कुल दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर आयुक्त ने बताया कि सेंटर में कम्पोस्ट प्लांट में सड़ने वाले कचरे से खाद बनाई जाएगी। वहीं, जो कचरा सड़ने वाला नहीं होगा उसका दूसरा उपयोग होगा।
ये कमेटियां बनाई जाएंगी
सफाई व्यवस्था में सुधार को तीन कमेटियां बनाई जाएंगी। इसमें महापौर की अध्यक्षता में सिटी लेवल सेनिटेशन कमेटी, जोनल अधिकारी की अध्यक्षता में जोनल लेवल सेनिटेशन कमेटी और पार्षद की अगुवाई में वार्ड लेवल कमेटी बनाई जाएगी।