तीन हजार निर्यातक तैयार
मंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश के निर्यातक मुख्य रूप से बड़े शहरों तक सीमित थे, लेकिन अब सभी 75 जिलों में निर्यातक सक्रिय हैं। प्रदेश में करीब 3,000 निर्यातक तैयार हो चुके हैं, जो किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश से औद्यानिक और कृषि आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2016-17 में 727 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 1,132 करोड़ रुपये हो गया। प्रदेश के कृषि एवं औद्यानिक उत्पाद अमेरिका, यूएई, जर्मनी, सऊदी अरब, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और स्वीडन समेत कई देशों में पहुंच रहे हैं।
गुणवत्ता और मानकों पर जोर
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए प्रदेश की उपज गुणवत्तापूर्ण होने के साथ संबंधित देशों के निर्धारित मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। जेवर एयरपोर्ट के तैयार होने से कृषि उत्पादों को हवाई कार्गो के जरिये विदेशों तक तेजी से पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। जेवर के पास इंटीग्रेटेड टेस्टिंग ट्रीटमेंट पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण, प्रमाणन और पैकेजिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है।