प्रस्तावित लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा जिला निर्वाचन
कार्यालय दो माह बाद 15 सितंबर से नए मतदाता पहचान पत्र बनाने का कार्य
फिर से शुरू करने जा रहा है।
इस दौरान हर विधान सभा क्षेत्र में शिविर
आयोजित कर लिस्ट में नए नाम जोड़ने के साथ ही नाम अथवा पते में बदलाव कराने
वाले मतदाताओं की वोटर आई डी बनाई जाएगी।
सूत्रों की माने तो अघोषित तौर
पर जिला निर्वाचन कार्यालय अगले साल अप्रैल माह में प्रस्तावित लोकसभा
चुनाव होने के मद्देनजर इस वर्ष के अंत तक काम पूरा करना चाहता है।
चुनाव
आयोग के दिशा निर्देश के अनुपालन में इस बार वोटरों को अपने मताधिकार का
प्रयोग करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार
मतदान केंद्रों के निर्धारण में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि किसी
भी वोटर को दो किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय न करनी पड़ी।
खास तौर पर ग्रामीण
इलाकों में दो किलोमीटर से अधिक की दूरी पर बने मतदेय स्थलों को तय दायरे
में लाया जा रहा है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि
मतदेय स्थलों के भवनों का भौतिक सत्यापन माह के अंत तक पूरा कराया जाएगा।