लखनऊ। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था में सुधार के लिए एक अप्रैल से 165 ई गाड़ियां और बढ़ाई गई हैं। छह दिन बीत जाने के बाद भी इन नई गाड़ियों का कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है। घरों से कूड़ा उठान की व्यवस्था अभी भी बेपटरी है। अब मोहल्लों में भी कूड़े का दबाव बढ़ने लगा है।
एक अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 250 ई गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई थी। इस बेड़े में 150 गाड़ियां लॉयन एनवायरो कंपनी की और करीब 15 गाड़ियां रामकी कंपनी की हैं। दोनों कंपनियों की इन 165 गाड़ियों का इस्तेमाल घरों से कूड़ा उठान में किया जाना है। शेष गाड़ियां नगर निगम के उद्यान विभाग की हैं।
नई गाड़ियां आने के बाद भी व्यवस्था में सुधार न होने के पीछे सबसे बड़ी वजह है कर्मचारियों की कमी। दरअसल, घरों से कूड़ा उठान में लगीं दोनों निजी कंपनियों के करीब 200 कर्मचारी असम विधानसभा चुनाव में वोट देने के लिए अपने घर चले गए हैं। इनके 15 से 18 अप्रैल तक लौटने की उम्मीद है। कंपनियां वैकल्पिक कर्मचारी लगाकर घरों से कूड़ा उठाने का दावा कर रही हैं मगर हकीकत इसके उलट है। जानकार बताते हैं कि गाड़ियों के साथ दो तरह के कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। एक ड्राइवर और दो कर्मचारी जो घरों से कूड़ा एकत्र कर गाड़ी में इकट्ठा करते रहते हैं। अभी दोनों तरह के कर्मचारियों की कमी है। जब तक छुट्टी पर गए कर्मचारी वापस नहीं आते, कूड़ा उठान की व्यवस्था को रफ्तार मिल पाना मुश्किल है।
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खबर छपी तो उठ गया कूड़ा
इस्माइलगंज प्रथम वार्ड में आने वाले इंदिरा नगर सेक्टर नौ की सुनीता पाल ने बताया कि उनके यहां पांच दिन से कूड़ा नहीं उठा था। सोमवार को अमर उजाला में खबर छपने के बाद कूड़ा गाड़ी वाले आए और कूड़ा ले गए। इसी तरह सेक्टर नौ में रहने वाले अनूप आजाद ने बताया कि सोमवार को भी उनके यहां से भी पांच दिन बाद कूड़ा उठा है। कूड़ा न उठाने से वह बहुत परेशान थे।
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चार दिन से नहीं उठा घर से कूड़ा
चार दिनों से कूड़ा लेने वाली गाड़ी नहीं आई है। समझ नहीं आ रहा घर में जमा कूड़े को कहां डाला जाए। क्षेत्रीय पार्षद से समस्या का समाधान कराने के लिए कहा है।
-सावित्री शर्मा, इंदिरा नगर सेक्टर नौ
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घर में सड़ रहा है कूड़ा
पता नहीं घर से कूड़ा लेने वाले कर्मचारी क्यों नहीं आ रहे हैं। कूड़ा घर में ही सड़ रहा है। बदबू बढ़ती जा रही है। अब तो मक्खियों की भी भरमार हो गई है।
-अंजुम फातिमा, इंसाफ नगर
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जो नई गाड़ियां आई हैं उनमें से 35 गाड़ियां जोन दो, 80 गाड़ियां जोन आठ और 35 गाड़ियां जोन पांच में आने वाले वार्डों में लगाई गई हैं। इससे कूड़ा कलेक्शन का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
- रणधीर सिंह,
प्रमुख, लॉयन एनवायरो
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हमारी 40 गाड़ियां आनी थीं मगर 15 ही आ पाई हैं। जो कर्मचारी असम चुनाव के कारण अवकाश लेकर घर गए हैं उनकी जगह सफाई करने वाले कर्मचारियों को लगाया गया है। वोट के लिए किसी कर्मचारी को अवकाश देने से मना नहीं कर सकते हैं।
- अभय रंजन,
परियोजना प्रमुख, रामकी कंपनी