लॉ स्टूडेंट गौरी श्रीवास्तव हत्याकांड में फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट भी पुलिस की आरी से काटने की थ्योरी की तरफ इशारा कर रही है। बीते बुधवार को एसएसपी यशस्वी यादव को मिली रिपोर्ट में गौरी के शरीर के टुकड़ों में मिले घावों के पैटर्न को ‘हेसिटेशनल वुंड’ बताया गया है।
यानी वारदात के समय आरोपी के मन में आ रहे असमंजस के भाव गौरी के शरीर के टुकड़ों में भी नजर आ रहे हैं। इस रिपोर्ट ने पोस्टमार्टम के पैनल में शामिल फॉरेंसिक एक्सपर्ट के उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें आशंका जताई गई थी कि गौरी को मोटराइज्ड मशीन या भारी-नुकीले व धारदार हथियार से काटा गया है। इससे उत्साहित पुलिस अब आरी पर लगे खून, मांस और बालों की डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
एसएसपी ने बताया कि गौरी हत्याकांड में आरी से शरीर काटने को लेकर उठे विवाद के बाद अमीनाबाद पुलिस ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला के मेडिको लीगल एक्सपर्ट से संपर्क किया था। पुलिस ने एक्सपर्ट से पूछा था कि गौरी के शरीर के कटे अंगों का पैटर्न कैसा है और क्या साधारण आरी से गौरी का शरीर काटा जा सकता है?