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बहराइच : जंगल की सैर कराएगी ट्रेन बस, कतर्नियाघाट में जल्द शुरु होगी यह सुविधा

Sat, 08 Jun 2019 10:09 PM IST
Amulya Rastogi राजू जायसवाल, अमर उजाला बहराइच
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ट्रेन बस - फोटो : अमर उजला
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बहराइच के कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों को लुभाने के लिए नई पहल की जा रही है। यहां अब पर्यटकों को रेल बस से सफर करने की सौगात देने की तैयारी है। यह रेल बस कतर्नियाघाट और दुधवा के पर्यटन को बढ़ावा देने और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर तैयार की गई है। इसके लिए यात्री रेल बस का आरक्षण पूर्व में ही कराएंगे। 
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हैरिटेज मीटर गेज पर ही रेल बस का संचालन होगा। रेल बस इज्जतनगर रेलवे यांत्रिक कारखाना में बनाई जा रही है। अब जल्द ही रंग-बिरंगी रेल बस हैरिटेज लाइन पर सरपट दौड़ेगी। इससे जंगली जीवों को नुकसान नहीं होगा। लगभग छह माह में रेल बस हैरिटेज लाइन पर चलने का अनुमान वन विभाग के अधिकारी लगा रहे हैं। 

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वन प्रभाग में कतर्नियाघाट, ककरहा, निशानगाड़ा, मुर्तिहा, सुजौली, मोतीपुर और धर्मापुर रेंज शामिल हैं। संरक्षित वन क्षेत्र में नेपाली हाथियों के अलावा बाघ, तेंदुआ, चीतल, हिरन, काकड़ समेत अन्य दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं। 
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मैलानी-नानपारा रेल लाइन जंगल के बीच से होकर गुजरी है। इससे आए दिन बाघ व तेंदुओं के साथ अन्य जंगली जीव रेलगाड़ियों की चपेट में आकर दम तोड़ देते हैं। इसको लेकर वन विभाग ने समय-समय पर विरोध दर्ज कराया था। तीन वर्ष पूर्व गोंडा से बहराइच के मध्य मीटर गेज लाइन को ब्राडगेज में परिवर्तित किया गया था। 

ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा था कि नानपारा से मैलानी तक भी ब्राडगेज रेल लाइन का निर्माण होगा। लेकिन वन विभाग के विरोध व जंगली जीवों की मौत को देखते हुए सरकार ने मैलानी जंक्शन तक रेल लाइन को ब्राड गेज में न परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। 

अब नानपारा से मैलानी जंक्शन तक रेल प्रखंड को हैरिटेज मीटर गेज रखकर पर्यटन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। हैरिटेज लाइन पर जंगली जीवों के रंग में रंगी रेल बस का संचालन किया जाएगा। रेल बस का निर्माण इज्जतनगर बरेली के यांत्रिक कारखाने में किया जा रहा है। अब तक चार बस बनकर तैयार भी हो गई हैं। इस बस के संचालन से जंगली जीवों की सुरक्षा व संरक्षा में सहयोग मिलेगा। साथ ही जंगल भी सुरक्षित रहेगा। 

डीएफओ कतर्नियाघाट जीपी सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र में रेल पटरी गुजरी होने के कारण रेल प्रखंड को ब्राडगेज में परिवर्तित नहीं किया गया है। यह जंगली जीवों के लिए सुखद है। इससे जंगल से निकलकर रेल पटरियों के निकट विचरण करने वाले जीवों की जान बच सकेगी। डीएफओ के मुताबिक आगामी पांच से छह माह में रेल बसों का संचालन हैरिटेज लाइन पर शुरू हो जाएगा। 
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कई बाघ व तेंदुओं की कटकर हो चुकी है मौत

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र से गुजरी रेल पटरी को पार करते समय अब तक कई बाघ और तेंदुओं की मौत ट्रेन से कटकर हो चुकी है। अभी एक वर्ष पूर्व बिछिया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर सिग्नल के निकट एक बाघ की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। चार माह पूर्व दो हिरन की कटकर मौत हुई थी। अब इन मौतों पर अंकुश लग सकेगा।

रेल बस में बैठेंगे 60 यात्री, होगा रिजर्वेशन
कतर्नियाघाट के डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि रेल बस का संचालन हैरिटेज लाइन पर होगा। इसके लिए स्पेशल रेल बस बरेली के इज्जतनगर यांत्रिक कारखाना में बन रही है। इस रेल बस में 60 यात्री बैठेंगे। रेल बस में एक हफ्ते पूर्व ही रिजर्वेशन कराया जा सकेगा। 

क्षेत्र में बढ़ेगा रोजगार
दुधवा नेशनल पार्क के मैलानी जंक्शन से कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के नानपारा रेलवे स्टेशन तक स्पेशल रेल बस का संचालन होगा। पर्यटक भी रेल बस से जंगल का भ्रमण करेंगे। उनका ठहराव भी जंगल क्षेत्र में होगा। ऐसे में क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा। गांव के लोग क्षेत्रीय उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे।
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