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Lucknow News: नई व्यवस्था वर्टिकल में देव तुल्य उपभोक्ता संग जेल जैसा सिस्टम

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कॉल सेंटर में ​शिकायत लेकर पहुंचे  उपभोक्ता।
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लखनऊ। समय - दोपहर 11:55 बजे। स्थान - हुसैनगंज स्थित 1912 कॉल सेंटर की हेल्पडेस्क। कार्यालय के दूसरे तल पर बनी हेल्पडेस्क के प्रवेश द्वार पर एक कर्मचारी तैनात है। जैसे ही कोई पीड़ित उपभोक्ता पहुंचता है, उसे वहीं रोककर टोकन के नाम पर एक पर्ची थमा दी जाती है। नंबर लिखी पर्ची लेकर उपभोक्ता बाहर खड़ा कर दिया जाता है। भीतर से जब टोकन नंबर की आवाज लगती है, तब कहीं जाकर उसे अपनी पीड़ा सुनाने का अवसर मिलता है।
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नई वर्टिकल व्यवस्था में दावा था कि हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज होते ही समाधान होगा, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट दिखी। उपभोक्ताओं का कहना है कि सिस्टम बदला, मगर जिम्मेदारों की कार्यशैली जस की तस बनी हुई है। बिजली विभाग भले ही उपभोक्ताओं को ‘देवतुल्य’ बताता हो, लेकिन हुसैनगंज में उन्हें जेल जैसे सिस्टम से रूबरू होना पड़ रहा है। सुनवाई के नाम पर महज रस्मअदायगी हो रही है।
नई व्यवस्था में दावा - शिकायत दर्ज होते ही समाधान

हकीकत - दिनभर की भटकन और टालमटोल

सात दिन से बिल में छूट के लिए भटक रहा हूं

नूरबाड़ी निवासी बुजुर्ग बकायेदार मो. शेख ने बताया कि 53 हजार रुपये के बिजली बिल पर 21 हजार रुपये की छूट लेने के लिए वह पिछले सात दिनों से चक्कर काट रहे हैं। पहले नूरबाड़ी से तालकटोरा भेजा गया, वहां से 1912 कॉल सेंटर जाने की सलाह मिली। हेल्पडेस्क पर दो घंटे में पांच कर्मचारी उनके आने का कारण पूछ चुके, लेकिन छूट कैसे मिलेगी, यह बताने वाला कोई नहीं।
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मीटर सेक्शन से सीलिंग सर्टिफिकेट लाओ, तभी सुनी जाएगी बात

टोकन नंबर 46 की आवाज पर 70 वर्षीय ऋषि कुमार तिरखा हेल्पडेस्क पहुंचे। उन्होंने बताया कि मीटर बदलने के बाद एक लाख रुपये का गलत बिल बना दिया गया। ऑपरेटर और एक जेई ने उन्हें कैसरबाग स्थित लेसा भवन जाकर मीटर सेक्शन से सीलिंग सर्टिफिकेट लाने का फरमान सुना दिया, तभी समस्या सुने जाने की बात कही गई।
हेल्पडेस्क पर छूट के लिए पंजीकरण की व्यवस्था ही नहीं
जवाहरनगर रेजीडेंसी निवासी 65 वर्षीय अजीजा बानो बिजली चोरी में मिलने वाली छूट के लिए 1912 परिसर में भटकती रहीं। उन्होंने शिकायत की कि बिजली चोरी पकड़े जाने पर कर्मचारी को 3,000 रुपये दे दिए थे, फिर भी 30 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया गया। हेल्पडेस्क पर ऐसा कोई कर्मचारी नहीं मिला जो छूट के लिए पंजीकरण कर सके।
मीटर का वीडियो बनाकर लाओ, तब ठीक होगा बिल
पुराना किला निवासी सुनील कुमार गुप्ता की बेटी नीता ने बताया कि कैंट एसडीओ ने बिल संशोधित किया था, लेकिन सुधार आधा-अधूरा है। हेल्पडेस्क पर मौजूद कर्मचारी ने उन्हें घर जाकर मीटर का वीडियो बनाकर लाने को कहा, तभी बिल ठीक होने की बात कही।
नई अर्जी लिखकर लाओ, तभी दर्ज होगी शिकायत
सदर निवासी मो. इरफान अक्तूबर-नवंबर के बिल जमा कर चुके हैं, इसके बावजूद हर बार बकाया चुकाने का संदेश आ रहा है। दो बार हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज कराई, मगर समाधान नहीं हुआ। सोमवार को फिर पहुंचे तो कर्मचारी ने नई अर्जी लिखकर लाने की शर्त रख दी।

साल भर पहले लगा मीटर, आज तक नहीं आया बिल
ऐशबाग निवासी सरिता सिंह ने बताया कि उनके घर में एक साल पहले मीटर लगाया गया था, लेकिन तब से एक भी बिजली बिल नहीं आया। इससे पहले वह ऐशबाग कार्यालय के चक्कर काट चुकी हैं। हुसैनगंज पहुंचने के लिए उनके पति को दफ्तर से अवकाश लेना पड़ा।
नोट : हेल्पडेस्क से निराश सभी पीड़ितों ने अंततः एसडीओ भगवान दास के कक्ष में अपनी पीड़ा सुनाई, जिसके बाद उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू हो सकी।

कॉल सेंटर में शिकायत लेकर पहुंचे  उपभोक्ता।

कॉल सेंटर में शिकायत लेकर पहुंचे  उपभोक्ता।

कॉल सेंटर में शिकायत लेकर पहुंचे  उपभोक्ता।

कॉल सेंटर में शिकायत लेकर पहुंचे  उपभोक्ता।

कॉल सेंटर में शिकायत लेकर पहुंचे  उपभोक्ता।

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