फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पढ़ाने के अलावा ये सब भी करेंगे शिक्षामित्र

Sat, 01 Feb 2014 09:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने शिक्षामित्रों को समायोजित करने का फॉर्मूला खोज लिया है। टीईटी का झंझट खत्म करते हुए इन्हें शिक्षा सहायक बनाया जाएगा।
विज्ञापन


इनकी जिम्मेदारी सर्व शिक्षा अभियान के तहत चलने वाली योजनाओं को देखना होगा। मसलन बच्चों को कैसा खाना मिल रहा है, यूनिफॉर्म मिला या नहीं, समय से किताबें मिल रही हैं या नहीं।

इसके अलावा स्कूलों में शिक्षक जो लिखा-पढ़ी के काम करते हैं वे सब इन्हें करना होगा।

विभाग चाहता है कि इन्हें सहायक अध्यापक के समान 9300 से 34800 वेतनमान और ग्रेड पे 4200 दे दिया जाए, पर अंतिम निर्णय पद सृजन और वित्त विभाग की मंजूरी पर निर्भर होगा। नियमावली बनाने के लिए शुक्रवार को इस प्रारूप पर मंथन हुआ।
विज्ञापन

प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 1.70 लाख शिक्षा मित्र हैं। इनके लिए अब नया वेतनमान और पदनाम बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम 1972 के नियम 19 में दी गई व्यवस्था के तहत निदेशालय को यह अधिकार है कि वह अलग से पद सृजित कर सकता है।

इसके आधार पर ही नया पद सृजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री से पद और वेतनमान पर अनुमति मिलने के बाद कार्मिक विभाग से पदों का सृजन कराया जाएगा। इसके बाद शिक्षा मित्रों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
विज्ञापन


टीईटी का नहीं फंसेगा पेंचशिक्षा मित्रों को यदि शिक्षक पद पर समायोजित किया जाता तो टीईटी का पेंच फंसता। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद राज्य सरकार ने नियमावली बना दी है कि शिक्षक बनाने के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य होगा। हाईकोर्ट का भी यही आदेश है। इसलिए सरकार ने बीच का रास्ता निकाला है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें