हिमालय के तराई इलाकों तक मजबूत होगा रेल नेटवर्क
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। हिमालय के तराई क्षेत्र तक रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के क्रम में भीरा खीरी-रायबोझा के बीच नई रेलवे लाइन के निर्माण के साथ मैलानी-भीरी खीरी व नानपारा रायबोझा के बीच ब्रॉड कन्वर्जन(आमान परिवर्तन) को को स्वीकृति मिल गई है। इसका सर्वेक्षण जल्द शुरू हो जाएगा। इससे दिल्ली व पूर्वी भारत से उत्तराखंड जाने के लिए वैकल्पिक रूट तैयार जाएगा, जिससे कृषि व वन्य उत्पादों को लाने-ले जाने में आसानी होगी।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि रेल मंत्रालय ने हिमालय की तराई में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया है। लखीमपुर खीरी के भीरा खीरी रायबोझा (120 किमी) के मध्य नई लाइन निर्माण के साथ मैलानी-भीरा खीरी (16 किमी) एवं नानपारा-रायबोझा (13 किमी) के आमान परिवर्तन कराने के तहत सर्वेक्षण (फाइनल लोकेशन सर्वे) को स्वीकृति प्रदान की है। इससे मैलानी से नानपारा के मध्य ब्रॉडगेज की सुविधा हो जाएगी और तेज रफ्तार ट्रेनों को रूट पर चलाया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश में बहराइच एवं खीरी जनपदों में मैलानी-नानपारा मीटरगेज लाइन के मैलानी-भीरा खीरी एवं नानपारा रायबोझा खंडों का आमान परिवर्तन तथा भीरा खीरी एवं रायबोझा के बीच 'दुधवा राष्ट्रीय उद्यान' के बाहर से नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन बनाने के लिए सर्वेक्षण हेतु 3.58 करोड़ रुपये की संस्तुति दी है। फाइनल लोकेशन सर्वे के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी बनाई जाएगी। इस रेलवे लाइन के ब्रॉडगेज होने से दिल्ली सहित देश के पश्चिमी एवं उत्तरी भाग में जाने के साथ-साथ पूर्वी भारत से पीलीभीत एवं उत्तराखंड जाने के लिए वैकल्पिक माग उपलव्ध हो जाएगा। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वन्य एवं कृषि उत्पादों की आवाजाही विक्री के लिए आसान हो सकेगी।