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यूपी में अवैध शराब की तस्करी रोकने की नई नीति का एलान, राजस्व को मिलेगा बढ़ावा

Wed, 11 Sep 2019 02:26 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शराब की तस्करी रोकने के लिए यूपी आबकारी मदिरा एवं पावर एल्कोहल संचालन नियमावली 2019 को भी मंजूरी दे दी है। जिन गाड़ियों से शराब का ट्रांसपोर्ट किया जाता है, उनके आवागमन की मॉनिटरिंग के लिए ई-ट्रांजिट परमिट के अलावा वाहनों को जीपीएस व आरएफआईडी, फास्ट टैग सिस्टम से लैस किया जाएगा।

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नीति के तहत प्रदेश के भीतर ई-ट्रांजिट परमिट की वैधता अवधि व ई-ट्रांजिट परमिट का दुरुपयोग रोकने के लिए दंड की व्यवस्था कर दी गई है।

प्रमुख सचिव आबकारी संजय एस. भूसरेड्डी ने बताया कि शराब की तस्करी रोकने व शराब परिवहन में लगने वाले वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एथेनाल ब्लेडेंड पेट्रोल प्रोग्राम (ईबीपीपी) के तहत केंद्र के निर्देशों के अनुरूप यह नीति लाई गई है। इससे एथेनाल के आवागमन में सुगमता आएगी व पारदर्शिता बढ़ेगी।

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पावर एल्कोहल मूवमेंट रिपोर्ट को किया जाएगा ऑनलाइन

उन्होंने बताया कि एथनॉल का इस्तेमाल पीने वाली शराब की जगह न हो इसके लिए पावर एल्कोहल मूवमेंट रिपोर्ट को ऑनलाइन किया जाएगा। मदिरा और पावर एल्कोहल की पूरी मात्रा एक बार में ही भेजी जाएगी और रस्ते में न उसे खोला जाएगा न तय रूट बदलेगा।

इस नीति से अन्य राज्यों से यूपी में होने वाली शराब की तस्करी रुकने में साथ अवैध शराब की बिक्री बंद होगी। उन्होंने बताया कि अगले साल तक 51 डिस्टलरी लग जाएंगी जिससे पावर एल्कोहल का उत्पादन बढ़ेगा।

अब 300 किलोमीटर की दूरी के लिए बनने वाला पास एक दिन के लिए ही वैध होगा। उन्होंने बताया कि इससे प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
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