उत्तर प्रदेश सरकार वित्त वर्ष 2022-23 में राजस्व बढ़ाने के लिए नई संभावनाएं तलाशेगी। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने राजस्व प्राप्ति वाले विभागों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि के लिए विभागों को रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया है।
वित्त वर्ष 2021-22 की राजस्व प्राप्तियों की हाल में समीक्षा की गई। पता चला कि कोई भी विभाग 31 मार्च तक तय लक्ष्य प्राप्त करने की स्थिति में नहीं है। मुख्य कर-करेत्तर प्राप्तियों से जुड़े विभागों में वाणिज्य कर विभाग ने वार्षिक लक्ष्य 1,04,385 करोड़ के सापेक्ष मार्च अंत तक 96,700 करोड़ रुपये की प्राप्ति की उम्मीद जताई है।
आबकारी विभाग ने 41,500 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 36,300 करोड़ रुपये की प्राप्ति सुनिश्चित करने की बात कही है। स्टांप व निबंधन विभाग ने वार्षिक लक्ष्य 25,500 करोड़ रुपये के सापेक्ष 20 हजार करोड़ रुपये, परिवहन विभाग ने 9350 करोड़ के सापेक्ष 7,000 करोड़ रुपये प्राप्ति की उम्मीद जताई है।
इसी तरह भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने 4500 करोड़ रुपये लक्ष्य के सापेक्ष 60 प्रतिशत प्राप्ति की ही बात कही है। ऐसे में कोई भी विभाग निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने की स्थिति में नजर नहीं आ रहा है। कम राजस्व प्राप्तियों का असर प्रस्तावित योजनाओं व परियोजनाओं की प्रगति पर पड़ता है, जिनके लिए बजट की पर्याप्त उपलब्धता नहीं हो पाती।
मुख्य सचिव ने राजस्व प्राप्तियों से जुड़े समस्त विभागों को 2021-22 के बकाया दिनों में विशेष प्रयास कर राजस्व वसूली में बढ़ोतरी लाने तथा आगामी वित्त वर्ष 2022-23 में राजस्व प्राप्ति में वृद्धि की नई संभावनाओं पर विचार कर रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया है।