दिल्ली से चलने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस में बैठे बेटिकट यात्री के लखनऊ में पकड़े जाने पर उससे पिछले चेकिंग स्टेशन (दिल्ली-लखनऊ रूट पर कानपुर) से लखनऊ तक का टिकट बनता था। उस पर ईएफटी (एक्सेस फेयर टिकट) से पर्ची बनाकर जुर्माना लगाया जाता था।
अब रेलवे ने रूट के चेकिंग स्टेशन व्यवस्था खत्म कर दिए हैं। इसलिए यात्री का टिकट, उस स्टेशन से बनेगा, जहां से ट्रेन चली है। यानि दिल्ली और लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेन में बेटिकट पकड़े गए यात्री का दिल्ली से लखनऊ का टिकट बनाने के साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। जिसमें यात्री अगर स्लीपर में सफर कर रहा है तो उस पर 250 रुपये जुर्माना, थर्ड एसी वाले पर 430 रुपये और सेकेंड एसी वाले पर 615 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
लग्जरी ट्रेनों में सामान्य जुर्माने के नियम लागू नहीं होते हैं। शताब्दी, राजधानी व दूरंतो में बेटिकट यात्री से टिकट के बराबर जुर्माना वसूला जाता है। अगर शताब्दी का दिल्ली से लखनऊ का टिकट 1,245 रुपये का है तो इतना ही जुर्माना वसूला जाएगा।