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अगर ये बदलाव हुए तो घट जाएगी लखनऊ मेट्रो की रफ्तार

Thu, 30 Jul 2015 03:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मेट्रो रेल परियोजना की राह के रोड़े कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) के अधिकारी जहां छह अगस्त को दिल्ली में होने वाली पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) की मीटिंग में प्रस्ताव पास कराने के कोशिश में लगे हैं वहीं उनके सामने दो नई मुसीबतें भी आ गई हैं।
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पहली, रेलवे ने मवइया क्रॉसिंग के ऊपर स्पेशल स्पैन (विशेष पुल) बनाने के लिए एनओसी में कठिन शर्त जोड़ दी है। इस रेलवे छत्ते से काफी ऊपर क्रॉसिंग के बीच की जगह एक किनारे से अब मेट्रो ट्रैकगुजारा जाएगा। इस शर्त को एलएमआरसी ने मान लिया है।

ऐसे में 105 मीटर लंबे पुल का एलाइनमेंट ही चेंज हो जाएगा। इससे संचालन के दौरान मेट्रो रेल की गति में भी कुछ अंतर आ जाएगा। इसके अलावा निजी जमीन जो एलएमआरसी को चाहिये है, उसमें दो कोर्ट केस आड़े आ गए हैं। अब इनके सुलझने से पहले ये भूमि एलएमआरसी नहीं ले सकेगा। इनमें एक मामला सिंगार नगर और एक आसाराम आश्रम की भूमि का है।
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फीडर सर्विसेज के लिए प्री बिड गुरुवार से
मेट्रो स्टेशनों से यात्रियों को उनके मूल गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए फीडर सर्विसेज का संचालन किया जाएगा। इसमें बस, ऑटो रिक्शा और ट्राम सुविधाएं होंगी। मगर इनका संचालन किस तरह से किया जाए।

साथ ही पूरे कॉरिडोर में किस तरह से विकास किए जाएंगे, इसको लेकर कंसलटेंट का चुनाव किया जाएगा। इसके लिए एलएमआरसी में बृहस्पतिवार को प्री बिड कॉन्फ्रेंस होगी। छह कंपनियां इसमें भाग लेंगी। प्री बिड के दौरान वे अपनी-अपनी जिज्ञासाएं सामने रखेंगी, जिनका समाधान किया जाएगा।

इसके बाद टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड के तीन महीने के भीतर फीडर सर्विसेज का कंसलटेंट चुन लिया जाएगा।
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डेडलाइन के आड़े आएंगे ये बदलाव

एलएमआरसी को जो सितंबर 2016 में ये काम पूरा करना है। स्पेशल स्पैन के एलाइनमेंट में बदलाव होने से उस पर भी काफी असर पड़ेगा। इसको लेकर कुमार केशव का कहना है कि असर तो पड़ेगा।

मगर हमारी कोशिश सबकुछ तय डेडलाइन के भीतर करने की है। एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बुधवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफ्रिंग में बताया कि बहुत संभव है कि छह अगस्त को पीआईबी का अनुमोदन मिल जाएगा।
 
इसके लिए सुबह 11:00 बजे वित्त मंत्रालय में मीटिंग होगी। इसको लेकर वे और राज्य सरकार के अन्य आला अधिकारी दिल्ली जाएंगे। पीआईबी अनुमोदन मिलने के बाद एलएमआरसी को विदेशी ऋण के अलावा केंद्रीय आर्थिक अंशदान भी मिलने लगेगा। इससे हमारी तमाम दिक्कतें दूर हो जाएंगी। परियोजना की निर्बाध प्रगति का रास्ता भी खुल सकेगा।

मवइया क्रॉसिंग के ऊपर स्पेशल स्पैन का निर्माण किया जाना है। इसकी लंबाई करीब 105 मीटर होगी। इसको लेकर टेंडर हो चुका है। ऐसे में रेलवे ने एलएमआरसी को कह दिया है कि वे एलाइनमेंट बदलें। इसको अब क्रॉसिंग के किनारे से ले जाना पड़ेगा।

इससे एलएमआरसी को अब काफी कुछ बदलना पड़ेगा। मेट्रो की औसत गति जो 65 किलोमीटर प्रति घंटा है, शार्प कर्व होने से अब 45 किलोमीटर प्रति घंटा ही रह जाएगी।
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