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लालबत्ती पाने वालों ने नेताजी, सीएम का पैर छुआ, आशीर्वाद लिया

Sun, 01 Nov 2015 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव मंत्रिमंडल के सबसे बड़े विस्तार और फेरबदल को लेकर हलचल राजभवन और आसपास के इलाकों में सुबह से ही दिखने लगा था। राजभवन के बाहर सपा समर्थकों और मीडिया का जमावड़ा शुरू हो गया। नए मंत्रियों के नाम को लेकर उत्सुकता चरम पर थी। कुछ लोग टीवी पर आ रही जानकारी के आधार पर चर्चा कर रहे थे।
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इसी गहमागहमी के बीच करीब साढ़े नौ बजे से शपथ लेने वाले विधायकों, मंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और अफसरों की गाड़ियां मेन गेट से अंदर आने लगीं। हालांकि शपथ ग्रहण समारोह 10.30 बजे से प्रस्तावित था। जो पहली बार मंत्री बनने जा रहे थे वे चेहरे पर मुस्कान और उत्साह छिपा नहीं पा रहे थे। परिवार के साथ पहुंचे विधायकों की खुशी और तैयारी साफ दिख रही थी।

राजभवन के गांधी सभागार में मंच के बाईं और दाईं ओर नवमनोनीत मंत्रियों के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं। बरखेड़ा (पीलीभीत) के विधायक हेमराज वर्मा को छोड़कर 10.15 बजे तक सभी नवमनोनीत मंत्री अपनी सीटों पर जम गए। बलवंत सिंह रामूवालिया थोड़ी देर से आए। सभी मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह के आने का इंतजार कर रहे थे। इस बीच कई मंत्री आते रहे। उन्होंने शपथ लेने के लिए बैठे विधायकों के पास आकर बधाइयां दीं।
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10.18 बजे शिवपाल पहुंचे तो ‘नए मंत्रियों’ ने उनके पैर छुए। 10.37 बजे मुलायम पहुंचे। इसके तीन मिनट बाद खचाखच भरे हॉल में शपथ ग्रहण प्रारंभ हुआ। अधिकतर मंत्रियों ने शपथ ग्रहण के लिए जाते समय या लौटते समय मुलायम के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। युवा मंत्रियों ने अखिलेश यादव के भी पैर छुए।

हल्के-फुल्के मूड में थे राज्यपाल

शपथ ग्रहण के दौरान राज्यपाल राम नाइक खुश और हल्के मूड में नजर आ रहे थे। शपथ लेने के बाद अधिकतर मंत्री ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया, लेकिन राज्यपाल सभी से हाथ मिला रहे थे।

उन्होंने दो-तीन मंत्रियों को हाथ न मिलाने के लिए टोका भी। साहब सिंह सैनी शपथ पत्र लेकर बढ़ने लगे तो राज्यपाल ने कहा, ‘हम आपको नमस्कार करते हैं, यह कागज यहां रख दीजिए’। इसके बाद वह सैनी से गर्मजोशी से मिले।

ज्यादातर मंत्री पहुंचे, आजम नहीं
नगर विकास मंत्री आजम खां को छोड़कर सूबे के अधिकतर मंत्री समारोह में पहुंचे। हालांकि कई लोगों की नजरें इसी पर टिकी थीं कि आजम खां आएंगे या नहीं। कुछ मंत्रियों में खुसफुसाहट थी कि आजम नहीं आ रहे हैं।

उनके नहीं आने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी रहीं। माना यही जा रहा है कि नए विस्तार में आजम के पसंद के लोगों को तरजीह नहीं मिली है। बल्कि आजम विरोधियों को नए विस्तार में अहमियत मिली है।
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अखिलेश, मुलायम को लेकर चाय पर गए राज्यपाल

मुलायम सिंह के पहुंचने के तीन मिनट बाद राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री एक साथ पहुंचे। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल और सपा मुखिया गर्मजोशी से मिले। दोनों के चेहरों पर मुस्कुराहट थी। राम नाईक, अखिलेश यादव और मुलायम सिंह को साथ लेकर चाय पर गए। साथ-साथ बैठे और कुछ देर गुफ्तगू की। पिछले हफ्ते रामगोपाल यादव ने जिस तरह राज्यपाल पर हमला बोला था, उसकी तल्खी इस मुलाकात में नदारद थी।

नजर नहीं आए बर्खास्त मंत्री
जिन आठ मंत्रियों को बर्खास्त किया गया वे शपथ ग्रहण समारोह में नहीं दिखे। कई आंखों ने उन्हें तलाशा भी, पर कोई दिखाई नहीं दिया। माना जा रहा है कि बर्खास्तगी को अपनी उपेक्षा मानते हुए ये पूर्व मंत्री शपथ ग्रहण में नहीं पहुंचे।

ये मंत्री रहे मौजूद
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय 10.28 बजे पहुंचे। उनसे पहले शिवपाल सिंह यादव, अहमद हसन, अवधेश यादव, राजेन्द्र चौधरी, रघुराज प्रताप सिंह, पारसनाथ यादव, मनोज पांडेय. ओमप्रकाश सिंह, शाहिद मंजूर, रामगोविंद चौधरी, इकबाल महमूद, ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, महबूब अली, गायत्री प्रसाद प्रजापति, राजकिशोर सिंह, डॉ. एसपी सिंह, राजीव कुमार सिंह, अभिषेक मिश्र, सुरेन्द्र पटेल और कुछ अन्य मंत्री पहुंच चुके थे।
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