पुराने भाजपाई पार्टी से नए जुड़ने वालों को मोदी सरकार के काम बताएंगे और भाजपा का इतिहास भी पढ़ाएंगे। पूरे देश में एक मई से शुरू हो रहे महासंपर्क अभियान के तहत भाजपा से नए जुड़ने वालों को बताया जाएगा कि दस लोगों के साथ जनसंघ के गठन से शुरू हुआ सफर किस तरह भाजपा के रूप में आज दस करोड़ तक पहुंचा है।
इसके लिए चार पृष्ठ का फोल्डर, एक पुस्तिका सहित कुछ और साहित्य तैयार किया जा रहा है। इसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर नरेन्द्र मोदी तक की राजनीतिक यात्रा का संक्षिप्त विवरण होगा। इसे वितरित कर ऑनलाइन सदस्य बनने वालों को भाजपा की रीतिनीति समझाई जाएगी।
दरअसल, ऑनलाइन सदस्यता अभियान के जरिये दस करोड़ लोग पार्टी से जुड़ तो गए हैं लेकिन इन्हें पार्टी के बारे में बताने की समस्या भी रणनीतिकारों के सामने खड़ी हो गई है। उनका मानना है कि इनमें अधिकतर पहली बार भाजपा से जुड़े हैं।
इन्हें न तो भाजपा की रीतिनीति पता है, न पार्टी की वैचारिक पृष्ठभूमि। इसलिए भले ही इतनी बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ गए हों लेकिन इनके सहारे विपक्ष से वैचारिक लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती। महासंपर्क अभियान के जरिये इन्हें पार्टी के इतिहास की जानकारी दी जाएगी। यह भी बताया जाएगा कि एक राजनीतिक दल के रूप में भाजपा दूसरी पार्टियों से अलग क्यों हैं?
इसलिए जरूरी है महासंपर्क अभियान
पार्टी के राष्ट्रीय सदस्यता प्रमुख डॉ. दिनेश शर्मा कहते हैं कि मिस्ड काल के जरिये जुड़ने वाले भाजपा के शुभचिंतक तो हैं लेकिन अभी कार्यकर्ता नहीं हैं। महासंपर्क अभियान के जरिये इन्हें शुभचिंतक से कार्यकर्ता बनाने की शुरुआत होगी।
अभियान में इन्हें पार्टी की वैचारिक पृष्ठभूमि, जनसंघ की स्थापना, दस लोगों द्वारा स्थापित जनसंघ से भाजपा तक की यात्रा के बारे में बताया जाएगा। बाद में भाजपा की रीतिनीति और परंपराएं बताने के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाकर ट्रेनिंग दी जाएगी।
यही नहीं, मिस्ड कॉल के जरिये पार्टी से जुड़ने वालों और पुराने कार्यकर्ताओं के बीच अभी तक कोई संवाद नहीं है। भाजपा के ही तमाम कार्यकर्ता अभी नहीं जानते हैं कि उनके पड़ोस, मोहल्ले या गांव का अमुक व्यक्ति भी भाजपा से जुड़ गया है।
इस अभियान के तहत यह काम भी होगा। लोगों का आपस में परिचय होगा। इससे संवाद व संपर्क बढ़ेगा और वास्तव में संगठन की शक्ति बढ़ेगी।
बताया जाएगा कैसे तैयार हुआ कांग्रेस का विकल्प
संपर्क करने वाले भाजपाई संबंधित व्यक्ति को पार्टी की यात्रा का संक्षिप्त इतिहास वाला फोल्डर देकर बताएंगे कि किस तरह दस लोगों ने 21 अक्तूबर 1951 को जनसंघ के रूप में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की अध्यक्षता में देश में नए दल की यात्रा शुरू की थी।
इसके पीछे क्या कारण थे और किस तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं के सहयोग से लोगों के सामने कांग्रेस का विकल्प रखने के लिए जनसंघ का गठन हुआ था।
यह भी बताया जाएगा कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए पार्टी के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की किस तरह जान गई और दीनदयाल उपाध्याय की मृत्यु हुई। केरल व बंगाल में कितने कार्यकर्ताओं की जान गई।
इसके अलावा पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद व अंत्योदय की अवधारणा, सत्ता में आने के बाद सरकार चलाने में ध्यान रखने वाली प्रमुख बातों की जानकारी भी नए जुड़ने वालों को दी जाएगी।
भूमि अधिग्रहण पर भी दूर की जाएंगी भ्रांतियां
इसी के साथ नए लोगों को सिद्धांतों की एक पुस्तिका और मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा भी दिया जाएगा।
अन्य राज्यों में पार्टी की सरकारों के उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी भी दी जाएगी ताकि उन्हें पता लगे कि भाजपा की सरकारें दूसरी सरकारों से अलग काम करती हैं।
पार्टी प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि महासंपर्क अभियान में लोगों के दिमाग से भाजपा के बारे में अनर्गल आरोपों को निकालने की भी कोशिश होगी।
खासतौर से भूमि अधिग्रहण व किसानों से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष की साजिश की प्रमाण सहित जानकारी देकर मोदी सरकार के खिलाफ फैलाई गई भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास होगा।