सिपाही व दीवान को प्रोन्नति के अधिक अवसर देने के लिए सहायक उप निरीक्षक के पद सृजित होंगे।
साथ ही दरोगा पद पर सीधी भर्ती में शामिल होने के लिए पुलिस व पीएसी के सिपाही या दीवान को अधिकतम उम्र सीमा में पांच साल की छूट देने का फैसला किया है।
यूपी सरकार द्वारा प्रदेश पुलिस कर्मियों व अधिकारियों के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि विभाग के सभी अराजपत्रित कर्मियों के पौष्टिक आहार भत्ता में दो सौ रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है।
पढ़िए: हादसे में पुलिस भर्ती परीक्षा को लगी 'चोट'
उन्होंने कहा कि पुलिस के उप निरीक्षक व निरीक्षक के पद भी बढ़ाने का विचार किया जा रहा है, जिस पर जल्दी ही फैसला किया जाएगा।
मुख्यमंत्री लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर शोक परेड के बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यूपी पुलिस से बेहतर कार्य और परिणाम के साथ ही सकारात्मक माहौल बनाने में सहयोग की अपेक्षा की।
ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले सुरक्षाकर्मियों की स्मृति में मनाए जाने वाले शोक दिवस के मौके पर उन्होंने सरकार द्वारा पूर्व में पुलिसकर्मियों के हित में उठाए गए कदमों का हवाला देते हुए वर्तमान में लिए गए कई निर्णयों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों को अपनी श्रृद्धांजलि अर्पित की।
मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बैरक भत्ता अनुमन्य कर दिया है और धुलाई भत्ता को गत वर्ष 12 रुपये से 120 रुपये करने की घोषणा की गई थी, जिसकी जगह पर अब 125 रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
पढें: सिपाही भर्ती के परीक्षा केंद्रों में परिवर्तन
ऐसे ही कंप्यूटर ऑपरेटरों के पदों पर भर्ती और सभी पदों पर प्रोन्नतियां करने की घोषणा पर अमल होने की बात कही।
उन्होंने कहा कि अब सभी थानों में हॉस्टल व आगंतुक कक्षों की स्थापना के साथ ही हर जिले में एक सेंट्रल हवालात बनाने का फैसला किया गया है।
उन्होंने कानपुर में स्थापित हुए आधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष का हवाला देते हुए कहा कि नियंत्रण कक्षों में महिला अधिकारियों की अधिक से अधिक ड्यूटी लगाई जाए और इन कंट्रोल रूमों में तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को विशेष भत्ता दिया जाएगा।
अखिलेश ने कहा कि पुलिस के सिपाही व दीवान को प्रोन्नति के अधिक अवसर देने के लिए सरकार ने वरिष्ठता के आधार पर सहायक पुलिस उप निरीक्षक के पद पर प्रोन्नत करने का फैसला किया है।
इसके लिए सहायक पुलिस उप निरीक्षक (एएसआई) का पद सृजित किया जाएगा। सहायक उप निरीक्षक वर्दी पर एक स्टार लगाएगा।
इससे पहले हेड कांस्टेबिल से जिन्हें प्रोन्नत कर एक स्टार लगाने की अनुमति दी जाती थी उन्हें हेड कांस्टेबिल प्रोन्नत वेतनमान का दर्जा होता था।
सभी दरोगाओं को मिलेगा सीयूजी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने फैसला किया है कि थाना प्रभारियों के अलावा अब चौकी प्रभारियों व थाने में तैनात सभी दारोगाओं को सीयूजी सिम आवंटित किए जाएं। इसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं।
पीएसी कर्मियों की सशस्त्र पुलिस में तैनाती
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएसी में कार्यरत 50 वर्ष से अधिक के जवानों को सशस्त्र पुलिस बल में स्थानांतरित करने पर कार्यवाही चल रही है।
इन कर्मियों को विशिष्ट महानुभावों की सुरक्षा ड्यूटी में लगाया जाएगा। इनके लिए जिलों की रिजर्व पुलिस लाइन की तरह की सुरक्षा लाइन की स्थापना किए जाने पर कार्यवाही चल रही है। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
पुलिसकर्मियों का होगा प्रशिक्षण
पुलिसकर्मियों को प्रोन्नति के अवसर मुहैया कराने के साथ ही सीएम ने बल के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भर्ती के समय प्रशिक्षण के साथ-साथ सेवा के दौरान भी विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाओं का समय-समय पर आयोजन किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
117 पुलिसकर्मी हुए शहीद
मौके पर डीजीपी देवराज नागर ने अपने संबोधन में शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के नामों का जिक्र किया। इस साल कुल 117 पुलिसकर्मी शहीद हुए।
डीजीपी ने कर्तव्य की वेदी पर शहीद होने वालों के बलिदान को सर्वोच्च बलिदान बताते हुए अन्य पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में निष्ठा व लगन के साथ काम करने के लिए कहा।
लखनऊ से जुड़ी खबरों के लिए यहां आएं...