लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड और कृषि में नए कोर्सों की शुरुआत होगी। ये निर्णय कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। कुलपति ने शिक्षा व कृषि संकायाध्यक्षों को इन नए कोर्सों की शुरुआत करने के लिए आवेदन का निर्देश दिया है।
बता दें कि चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड (बीए, बीएससी-बीएड ) पाठ्यक्रम एक दोहरी डिग्री प्रोग्राम है जो 12वीं के बाद सीधे शुरू होता है, जिसमें छात्र एक साथ स्नातक और बीएड की हासिल कर सकते हैं। इसका विद्यार्थियों को सबसे बड़ा फायदा साल की बचत का होगा। यह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत शुरू होगा। बैठक में तय हुआ कि अब विधि छात्रों को वरिष्ठ न्यायाधीशों व अधिवक्ताओं के साथ संवाद स्थापित कर छात्रों को व्यावहारिक दिया जाएगा। साथ ही एआई पाठ्यक्रम को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। बैठक में विदेशी छात्रों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सभी विभागों को अपने सर्वर पर वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन योजना के तहत एकीकृत करने का सुझाव दिया गया।
कौशल आधारित पाठ्यक्रम होंगे शुरू
विश्वविद्यालय में कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू होंगे। जिनमें अभिनवगुप्त सौंदर्यशास्त्र व शैव दर्शन संस्थान को कौशल आधारित पाठ्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही छात्रों हेतु सामान्य एवं चिकित्सीय बीमा की सुविधा देने की योजना तैयार हुई है।
तकनीकी शिक्षा में अब 80 घंटे की इंटर्नशिप जरूरी
तकनीकी एवं प्रबंधन अध्ययन संकाय अब हर विद्यार्थियों 80 घंटे की सामाजिक इंटर्नशिप कराएगा। इसके साथ ही मैनेजमेंट कोर्सों में कैट के माध्यम से भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
फाइनेंस व एकाउंटिंग की ली जाएगी मान्यता
फाइनेंस व अकाउंटिंग पाठ्यक्रम को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (एनबीए) मान्यता दिलाने की पहल जल्द शुरू होगी।
कला व शिल्प से जुड़े विद्यार्थियों के लिए अच्छा अवसर
विवि के कला व शिल्प संकाय के छात्रों की कलाकृतियों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित कर स्टार्टअप शुरू करने के लिए पोर्टल बनाया जाएगा।
कोट
विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध व प्रकाशन गतिविधियों, रैंकिंग सुधार के साथ आधुनिक तकनीकी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
- प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, लविवि