लखनऊ। टीबी की बीमारी से उबर चुके मरीजों के लिए केजीएमयू के रेस्पेटरी विभाग में मंगलवार से नई क्लीनिक शुरू होगी। डॉक्टरों का कहना है कि करीब 50 प्रतिशत टीबी रोगियों में इलाज पूरा होने के बाद भी फेफड़ों में धब्बे, घाव, फाइब्रोसिस, कैल्सीफिकेशन और सांस की नलियों में रुकावट जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। इन मरीजों का क्लीनिक में निशुल्क इलाज होगा।
रेस्पिरेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पोस्ट टीबी डिसीज के रोगियों के इलाज की व्यवस्था नहीं है। नई क्लीनिक में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ऐसे मरीजों की जांच कर दवाएं, व्यायाम और विशेष थेरेपी उपलब्ध कराएगी। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि टीबी से उबर चुके रोगियों को नई जिंदगी देने की दिशा में यह अहम पहल है।
आज 65 ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
राजधानी की 65 ग्राम पंचायतें टीबीमुक्त हो चुकी हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत इस बीमारी के खात्मे में अहम भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। विश्व टीबी दिवस पर मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले कार्यक्रम में एक प्रधान को स्वर्ण, 18 को रजत और 46 प्रधानों को कांस्य पदक दिया जाएगा।