शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड का सीईओ पद बुधवार को दस साल बाद संयुक्त सचिव ऊर्जा नजमुल हसन रिजवी ने संभाल लिया।
बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी गुलाम सय्यादैन के मुताबिक नजमुल हसन ने कोर्ट के आदेशानुसार बुधवार को इंदिरा भवन स्थित शिया वक्फ बोर्ड कार्यालय आकर कार्यभार संभाला।
उन्होंने वक्फ बोर्ड के हालात व कार्य पर सरसरी नजर भी डाली।
पिछले दिनों सीईओ की नियुक्ति पर मुकदमे की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार से शिया वक्फ बोर्ड के सीईओ पद पर नियुक्ति के आदेश दिए थे।
साथ ही संयुक्त सचिव ऊर्जा नजमुल हसन रिजवी के प्रस्तावित नाम पर मुहर लगाई थी। इसके बाद शासन ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए नजमुल हसन की नियुक्ति की।
बुधवार को उन्होंने शिया वक्फ बोर्ड का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण कर लिया। इसके पहले बोर्ड में प्रशासक के तौर पर सीतापुर के सीडीओ शाहिद अब्बास रिजवी नियुक्त थे।
22 महीने से नहीं मिला वेतन
वक्फ बोर्ड कर्मियों ने नए सीईओ नजमुल हसन से वेतन न मिलने का रोना रोया।
प्रशासनिक अधिकारी गुलाम सय्यादैन के अनुसार कर्मचारियों को 22 महीने से वेतन नहीं मिला है।
उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड की आमदनी है नहीं और सरकार सुनती नहीं।
उनका आरोप है कि अल्पसंख्यक कल्याण व वक्फ मंत्री आजम खां को शिया वक्फ बोर्ड के कर्मचारियों की परवाह नहीं है।