बिजली चोरी पर निगरानी के लिए पावर कारपोरेशन मुख्यालय पर अलग सेल का गठन किया जाएगा।
पुनरीक्षित त्वरित विद्युत विकास एवं सुधार कार्यक्रम (आरएपीडीआरपी) के तहत सुधार के लिए चुने गए 168 नगरों की बिजली आपूर्ति की मॉनीटरिंग सीधे शक्ति भवन से होगी और इन नगरों में बिजली आपूर्ति का पूरा लेखाजोखा तैयार कराया जाएगा।
इस कवायद के जरिये अगले तीन वर्षों में लाइन हानियों में 15 फीसदी कमी का लक्ष्य रखा गया है। राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए बड़े बकायेदारों पर न सिर्फ शिकंजा कसा जाएगा बल्कि बाकायदा अभियान चलाकर उनकी बत्ती भी काटी जाएगी।
इसके अलावा प्रदेश के 201 तहसील मुख्यालयों पर प्रस्तावित उपकेंद्रों का निर्माण मार्च तक पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में बिजली व्यवस्था की समीक्षा की गई।
वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफआरपी) के तहत मिली केंद्रीय मदद में एक शर्त तीन वर्षों में लाइन हानियों में 15 फीसदी कमी लाने की भी है। इस समय लाइन हानियां 35 फीसदी से ऊपर हैं।
आरएपीडीआरपी के तहत ऑनलाइन किए गए 168 नगरों की बिजली का लेखाजोखा तैयार कराने के साथ ही लाइन हानियों में कमी लाने मुहिम छेड़ने की तैयारी है।
मुख्य सचिव ने आरएपीडीआरपी पार्ट ए व बी के शेष कार्यों को भी जल्द पूरा कराने को कहा। मुख्य सचिव ने अफसरों को निर्देश दिए कि तहसील मुख्यालयों पर प्रस्तावित उपकेंद्रों का निर्माण समयसीमा तय करके मार्च तक हर हाल में पूरा कराया जाए।
उन्होंने राजस्व वसूली बढ़ाने पर जोर देते हुए बकायेदारों की बिजली काटकर बकाया धनराशि वसूलने को कहा। प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने बताया कि एफआरपी के बाद राजस्व वसूली में गत वर्ष के मुकाबले 38 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है।