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ऐशबाग में केजीएमयू का नया कैंपस बनाने की तैयारी

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एलडीए देगा जमीन, केजीएमयू प्रशासन ने शासन को भेजा प्रस्ताव
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चंद्रभान यादव
ऐशबाग में केजीएमयू का नया कैंपस बनाने की तैयारी है। यहां नर्सिंग संकाय और भविष्य में खुलने वाले नए विभागों को स्थापित किया जा सकता है। इसके लिए एलडीए की खाली पड़ी करीब 6 एकड़ जमीन ली जा सकती है। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया है।
केजीएमयू के दूसरे कैंपस के लिए लगातार जमीन की मांग की जा रही है। बलरामपुर में सैटेलाइट सेंटर स्थापित होने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने सरकार से विभिन्न संकायों के लिए भी जमीन मांगी है। तर्क दिया कि केजीएमयू में पहले मेडिसिन और डेंटल संकाय ही थे। अब यहां पैरामेडिकल और नर्सिंग संकाय भी खुल गए हैं। इसके अलावा चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नई तकनीक विकसित होने से अलग-अलग विभागों का भी विकास किया जा रहा है।
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सूत्र बताते हैं कि केजीएमयू प्रशासन ने शासन से परिसर से लगे आसपास की जमीन देने की मांग की। इसमें ट्रॉमा सेंटर के सामने स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और संस्कृत परिषद की जमीन का भी सर्वे किया गया। इसके अलावा नींबू पार्क के पास स्थित कॉलेज की जमीन लेने की भी योजना बनाई गई। हालांकि सर्वे के दौरान इस जगह को संकाय विस्तार के दृष्टिकोण से कम आंका गया। शासन स्तर से भी शैक्षिक संस्थान की जमीन अधिग्रहीत करने के बजाए नए विकल्प तलाशने के लिए कहा गया।
ऐसे में ऐशबाग स्थित एलडीए की जमीन को नया विकल्प माना गया और केजीएमयू प्रशासन ने सर्वे कराने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा है। सूत्र बताते हैं कि यह जमीन पहले किसी कंपनी को आवंटित की गई थी। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद अब यह जमीन फिर से एलडीए के पास आ गई है। यह भी तर्क दिया गया है कि यहां से मुख्य परिसर की दूसरी सिर्फ 4 किलोमीटर है। फ्लाईओवर होने की वजह से मुख्य परिसर और नए परिसर के बीच आवागमन भी आसान होगा।
लंबे समय से चल रही है दूसरे कैंपस की खोज
केजीएमयू के दूसरे कैंपस के लिए लंबे समय से जमीन की तलाश हो रही है। पहले रहमान खेड़ा में करीब 40 एकड़ जमीन केजीएमयू को मुहैया कराई गई थी। मगर यह जमीन विवादों में फंस गई। इसके बाद चक गंजरिया में भी करीब 25 एकड़ जमीन को लेकर बातचीत चली। लेकिन अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। वहीं इस मामले को लेकर शासन भी गंभीर है।
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हर स्तर पर विकास का प्रयास
नए परिसर के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। केजीएमयू प्रशासन का प्रयास है कि विश्वविद्यालय का हर स्तर पर विकास हो। इसी के तहत नया प्रस्ताव भेजा गया है।
- डॉ. सुधीर सिंह, मीडिया प्रभारी केजीएमयू
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