सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराधियों के आगे नतमस्तक है। विकास कार्य ठप हैं। किसान आंदोलित है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री देशाटन पर हैं। अपनी सांविधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने के बजाय उनका मन स्टार प्रचारक बनकर दूसरे राज्यों में जाने और उनके शहरों के नाम बदलवाने में ज्यादा लगता है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाता की भाजपा सरकार को परवाह नहीं। उन्हें चिंता है तो बस कॉरपोरेट घरानों की कैसे झोलियां भरी जाएं। किसानों को आतंकवादी कहकर अपमानित करना भाजपा का असल चेहरा है। ये अमीरों की पक्षधर भाजपा का खेती-खेत, छोटा व्यापार, दुकानदारी, सड़क परिवहन सब कुछ, बड़े लोगों को गिरवी रखने का षड्यंत्र है। अगर, भाजपा के अनुसार किसान आतंकवादी हैं, तो भाजपाई कसम खाएं कि उनका उगाया अन्न नहीं खाएंगे।
अखिलेश ने कहा कि शिक्षामित्रों की समस्याएं जस की तस हैं। 17000 अनुदेशकों को प्रतिमाह वेतन देने का वादा भाजपा ने किया, लेकिन दिया नहीं। विवश होकर वे आत्महत्या कर रहे हैं। प्रदेश में पत्रकार सबसे ज्यादा खतरे में है। अभी 28 नवंबर को बलरामपुर में पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक और उनके साथी पिंटू साहू को जिंदा जला दिया गया। मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश को संवारने का दायित्व मिला था, उसकी देश भर में बदनामी कराने का नहीं।
प्रकाश पर्व की दी बधाई
अखिलेश यादव ने कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक देवजी के 551वें प्रकाश पर्व पर बधाई दी और सभी की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि गुरु नानक ने समाज से अंधविश्वास, आडंबर और जात-पांत की बुराई खत्म करने के लिए सिख धर्म की स्थापना की। इसके माध्यम से उन्होंने मानवता को निर्गुण उपासना, निस्वार्थ सेवा, त्याग, समर्पण और ईमानदारी का रास्ता दिखाया।