शहर-ए-तहजीब फिर एक बार शर्मसार हुई। एक नवजात बिटिया को फिर कोई लावारिस छोड़ गया। घटना मलिहाबाद के दिलावरनगर की है। सुबह सैर पर निकले रूपचंद सैनी ट्रैक किनारे से बच्चे की रोने की आवाज सुन रुक गए।
पास ही मजार के पास उन्हें एक बच्ची बिलखती हुई मिली। उन्होंने उसे गोद में लेकर चुप कराया और प्रधान राम विलास रावत को फोन किया। स्थानीय लोगों के साथ प्रधान मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे लोगों में मलिहाबाद के गोस्वा की माधुरी भी थी। नवजात को देखकर उन्होंने कहा कि उनके दो बेटे हैं, लेकिन बिटिया नहीं है, इसलिए वे नवजात को पालना चाहती
इस पर प्रधान और पुलिस ने कागजों पर उनकी जानकारी दर्ज करके नवजात माधुरी को गोद दे दी। यह सब दत्तक नियमों को ताक पर रखकर किया गया। पुलिस को लावारिस नवजात मिलने पर सबसे पहले 1098 हेल्प लाइन पर फोन करना चाहिए था, जहां से नवजात को सरकार की बाल कल्याण समिति अपने संरक्षण में लेती और उसे नियमों के तहत गोद दिया जाता। पर ऐसा नहीं किया गया।