कहते हैं जिसका रखवाला भगवान होता है, उसे मारने के चाहे जितने भी प्रयास क्यों न हों, वह जिंदा बच जाता है। कुछ ऐसा ही वाक्या गुरुवार को कटराबाजार के शांतीनगर इलाके में देखने को मिला।
जहां एक बोरी में बंद नवजात बच्ची की सांस आठ घंटे तक चलती रही। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर सुबह चारा काटने गए एक व्यक्ति की निगाह जब उस बोरी पर पड़ी तो वह अवाक रह गया।
उसे सीएचसी ले जाया गया। जहां बच्ची को टीके लगाए गए। फिलहाल बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ बताई जा रही है।आज जहां बेटियों का रुतबा कहीं से भी बेटों से कम नहीं है, वहीं बेटियों के साथ होने वाली हैवानियत आज भी जगजाहिर है।
गुरुवार को कटराबाजार से आर्यनगर जाने वाले रास्ते पर शाहजोत गांव के नजदीक सड़क किनारे ही ऐसी ही एक नवजात बच्ची को बोरी में बांधकर उसे मरने के लिए फेंक दिया गया।