केजीएमयू में आने वाले कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। मरीजों को अब पुरानी दवाओं के साथ ही आईसीएमआर की ओर से स्वीकृत नई दवाएं भी दी जा रही हैं। मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे तत्काल आईसीयू में शिफ्ट किया जाएगा।
केजीएमयू में इन दिनों करीब 188 मरीज भर्ती हैं। अभी तक यहां आने वाले मरीजों को दो ही हिस्से में बांटा गया था। पहले आइसोलेशन वार्ड और फिर आईसीयू, लेकिन अब इन मरीजों को चार हिस्से में बांट कर इलाज किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि पहले हिस्से में सामान्य मरीज है।
दूसरे में वे मरीज हैं, जिनमें सांस लेने की हल्की समस्या है और तीसरे हिस्से में उम्रदराज वे मरीज हैं, जिन्हें ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। चौथे हिस्से में वेंटिलेटर वाले मरीज हैं। केजीएमयू के आइसोलेशन वार्ड में इन दिनों वेंटिलेटर पर पांच और तीसरे स्टेज वाले करीब 35 मरीज हैं।
इसमें करीब 15 मरीज दूसरे जिलों से रेफर होकर आए हैं। ऐसे में आईसीयू की टीम ने इलाज की रणनीति बदल दी है। फेफड़े में संक्रमण वाले मरीजों को पहले से दी जा रही दवाओं के साथ ही रेमडेसिविर, प्लाज्मा थेरेपी सहित अन्य दवाएं भी दी जा रही हैं। इसके परिणाम भी सार्थक नजर आ रहे हैं।