फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केजीएमयूः मरीजों को बचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास, पुरानी संग नई स्वीकृत दवाएं भी दी जाएंगी

Mon, 10 Aug 2020 04:07 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
केजीएमयू
विज्ञापन
केजीएमयू में आने वाले कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। मरीजों को अब पुरानी दवाओं के साथ ही आईसीएमआर की ओर से स्वीकृत नई दवाएं भी दी जा रही हैं। मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे तत्काल आईसीयू में शिफ्ट किया जाएगा।
विज्ञापन


केजीएमयू में इन दिनों करीब 188 मरीज भर्ती हैं। अभी तक यहां आने वाले मरीजों को दो ही हिस्से में बांटा गया था। पहले आइसोलेशन वार्ड और फिर आईसीयू, लेकिन अब इन मरीजों को चार हिस्से में बांट कर इलाज किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि पहले हिस्से में सामान्य मरीज है।

दूसरे में वे मरीज हैं, जिनमें सांस लेने की हल्की समस्या है और तीसरे हिस्से में उम्रदराज वे मरीज हैं, जिन्हें ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। चौथे हिस्से में वेंटिलेटर वाले मरीज हैं। केजीएमयू के आइसोलेशन वार्ड में इन दिनों वेंटिलेटर पर पांच और तीसरे स्टेज वाले करीब 35 मरीज हैं।
विज्ञापन


इसमें करीब 15 मरीज दूसरे जिलों से रेफर होकर आए हैं। ऐसे में आईसीयू की टीम ने इलाज की रणनीति बदल दी है। फेफड़े में संक्रमण वाले मरीजों को पहले से दी जा रही दवाओं के साथ ही रेमडेसिविर, प्लाज्मा थेरेपी सहित अन्य दवाएं भी दी जा रही हैं। इसके परिणाम भी सार्थक नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन

आईसीयू शिफ्टिंग की व्यवस्था भी बदली

पहले रेफर होकर आने वाले गंभीर मरीजों को भी आइसोलेशन वार्ड में लिया जाता था, लेकिन सप्ताहभर से गंभीर मरीज आने पर आईसीयू में बेड खाली है तो उसे तत्काल शिफ्ट कर दिया जा रहा है। इसी तरह आइसोलेशन में मरीजों की स्थिति के अनुसार वरीयता सूची तैयार कर आईसीयू में शिफ्ट किया जा रहा है।

टीम का मकसद है, ज्यादा से ज्यादा मरीजों की जान बचाना। इसके तहत जरूरत के हिसाब से व्यवस्थाएं बदली जाती हैं। गंभीर मरीजों में लक्षण और हालात के अनुसार दवाओं का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। केजीएमयू की टीम का प्रयास है कि किसी भी तरह से मृत्युदर कम की जाए। - डॉ. सुधीर सिंह, मीडिया प्रभारी, केजीएमयू 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें