लखनऊ। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नीट यूजी-2026 निरस्त किए जाने से राजधानी के करीब 30 हजार विद्यर्थियों का डॉक्टर बनने का सपना टूट गया। विद्यर्थियों का कहना है कि एक आदेश ने उनकी एक से दो वर्ष की मेहनत, लाखों रुपये का खर्च और भविष्य की योजनाओं पर पानी फेर दिया।
राजधानी के 76 केंद्रों पर तीन मई को नीट यूजी-2026 आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए 37 हजार से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 30 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। मंगलवार को एनटीए ने आदेश जारी कर बताया कि परीक्षा में पेपर लीक की आशंका सामने आई है और मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इसी कारण फिलहाल परीक्षा निरस्त कर दी गई है। नई परीक्षा तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
परीक्षार्थियों में नाराजगी
- अनुप्रिया ने बताया कि दो वर्ष तक तैयारी की और करीब पांच लाख रुपये खर्च किए। उनके अनुसार मेडिकल की पढ़ाई करना केवल उनका ही नहीं बल्कि उनके माता-पिता का भी सपना था, जो अब टूटता नजर आ रहा है।
- श्वेता कुमारी ने कहा कि लखनऊ में रहकर 1.5 लाख रुपये खर्च कर कोचिंग जॉइन की थी। यह उनका दूसरा प्रयास था और परीक्षा भी अच्छी हुई थी, लेकिन अब परीक्षा निरस्त होने से उनकी मेहनत बेकार हो गई।
- आशी ने कहा कि डॉक्टर बनने का सपना लेकर उन्होंने दो वर्षों तक लगातार तैयारी की थी। परीक्षा रद्द होने से मानसिक रूप से बड़ा झटका लगा है।
- अंश गोस्वामी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार उनका पेपर बेहतर हुआ था। जीव विज्ञान के अधिकांश प्रश्न सही हुए थे और उन्हें अच्छे अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा निरस्त होने से लंबे समय की मेहनत पर असर पड़ा है।