मुरादाबाद की तीर्थांकर महावीर यूनिवर्सिटी में हुई एमबीबीएस छात्रा नीरज भड़ाना की हत्या व रेप की गुत्थी को अब सीबीआई सुलझाएगी।
शुक्रवार को देर शाम मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। इससे पहले यह जांच सीबीसीआईडी कर रही थी। सीबीसीआईडी ने जांच से जुड़े कई अहम साक्ष्य जुटा लिए थे।
फोरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों में सीमेन पाए जाने की पुष्टि हो गई है। लेकिन जांच में रेप को लेकर संशय बना हुआ है। हालांकि छात्रा के पिता ने रेप के बाद हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सीबीसीआईडी बरेली के पास शुक्रवार शाम जांच सीबीआई को ट्रांसफर होने का आदेश पहुंच गया है। सीबीआई जल्द ही मुकदमे से जुड़े कागजात व अन्य साक्ष्य कब्जे में लेकर जांच शुरू कर देगी।
सूत्रों के मुताबिक जांच हॉस्टल के कुछ कमरों और वहां रहने वाले लोगों पर आकर ठहर गई है। जांच में नीरज की दो सहपाठी और एक छात्र शक के दायरे में हैं।
सीबीसीआईडी ने इन तीनों समेत 16 लोगों को पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की तैयारी की थी। इसमें हॉस्टल की वार्डेन भी शामिल थी क्योंकि नीरज की मौत के बाद वह ही मौके पर सबसे पहले पहुंची थी।
सीबीसीआईडी ने संदेह के दायरे में आए कुछ लोगों का डीएनए टेस्ट कराने की भी तैयारी की थी। इनका मिलान नीरज के कपड़ों में मिले सीमेन से कराया जाना था। इनसे जुड़ी रिपोर्टों के बाद काफी हद तक हत्यारे का चेहरा सामने आ जाएगा।
जांच में यह भी स्पष्ट हो चुका है कि नीरज की गला दबाकर हत्या करने के बाद फेंका गया। लेकिन उसे पांचवीं मंजिल से फेंकने की बात पूरी तरह से गलत है। नीरज के मोबाइल फोन के डिलीट किए एसएमएस की डिटेल भी खुलासे में काफी हद तक मददगार होगी।
एमबीबीएस छात्रा नीरज छह जुलाई को सात मंजिला हॉस्टल में फर्श पर लहूलुहान पड़ी मिली थी। शुरू में इसे खुदकुशी साबित करने का प्रयास हुआ था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या और रेप का मामला दर्ज हुआ था।