पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने पत्नी डॉ. उज्ज्वला तिवारी और पुत्र रोहित शेखर तिवारी को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है।
अपने पूर्व ओएसडी भवानी भट्ट पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एनडी ने कहा कि उन्होंने पूर्व में किसी को वसीयत या किसी अभिलेख के जरिये अपना वारिस या उत्तराधिकारी का दर्जा दिया है तो उन सभी को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
माल एवेन्यू स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए एनडी तिवारी ने कहा कि यदि किसी निजी, ट्रस्ट, संस्थानों या संस्थाओं में उनका नाम संरक्षक, प्रेरक या किसी अन्य पद पर बिना उनकी स्वीकृति के उपयोग किया जा रहा है तो उसको भी निष्प्रभावी समझा जाए।
उज्ज्वला ने लगाया न मिलने देने का आरोप
डॉ. उज्ज्वला तिवारी ने पूर्व ओएसडी भवानी भट्ट पर एनडी तिवारी का इस्तेमाल कर धांधली का आरोप लगाया। भवानी भट्ट ने अपनी संस्था को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए एनडी तिवारी का उपयोग किया।
वह एनडी तिवारी को मुझसे और मेरे बेटे से मिलने नहीं देना चाहते थे। नवंबर 2013 में एनडी तिवारी का लाइव सर्टिफिकेट भी जमा नहीं किया गया। इससे उनकी पेंशन रुक गई थी।
माल एवेन्यू वाले सरकारी बंगले को भवानी भट्ट ने किसी ट्रस्ट के नाम करा लिया हो इसकी भी संभावना है। इस बंगले का बिजली बिल सत्तर हजार रुपये बकाया है।
दर्ज हो गई एफआईआर
उज्जवला ने यह भी आरोप लगाया कि भवानी भट्ट ने एनडी तिवारी के फर्जी हस्ताक्षर का भी इस्तेमाल किया, यह मामला उत्तराखंड में पुलिस ने पकड़ा है। वहां भवानी भट्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है।
एनडी तिवारी का एक लैपटॉप भी भवानी भट्ट के कब्जे में है, वह उसे वापस नहीं कर रहा है। आयकर रिटर्न भी नहीं भरा गया है। इससे 1.25 लाख रुपये की देनदारी जुर्माना सहित हो गई है।
उल्लेखनीय है कि 88 वर्ष की उम्र में एनडी तिवारी ने उज्ज्वला से कानूनी रूप से विवाह किया था। जिसके बाद से ही उनके बेटे रोहित शेखर तिवारी को उनका उत्तराधिकारी माना जा रहा हैं।
गोपनीय ढंग से शादी की थी एनडी ने
एनडी तिवारी और उज्ज्वला शर्मा की शादी बड़े ही गोपनीय ढंग से 14 मई को हुई थी। लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित आवास पर हुई इस शादी के बारे में अगले दिन लोगों को पता चला था।
इस शादी में तिवारी और शर्मा के दो-चार करीबी लोग ही शरीक हो सके। इतनी जल्दबाजी में यह शादी हुई कि इसमें उज्ज्वला और तिवारी के बेटे रोहित शेखर भी शामिल नहीं हो सके।
उज्ज्वला शर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया था कि ये शादी 13 मई को ही तय हुई थी। तैयारियां पूरी की गईं और 14 मई की रात ब्याह रचाया गया।