नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 2013 में दर्ज किए गए रेप के प्रत्येक 100 मामलों में 95 में दोषी व्यक्ति पीड़िताओं के परिचित ही थे।
‘क्राइम इन इंडिया 2013’ रिपोर्ट में कहा गया है कि आईपीसी की धारा 376 के तहत देश में कुल बलात्कार के 33707 मामले दर्ज किए गए थे और इसमें से 31807 (94.4 फीसदी) मामलों में दोषी पीड़िताओं के जानकार व्यक्ति ही थे।
33.9 फीसदी मामलों में आरोपी पड़ोसी, जबकि 7.3 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़िताओं के परिचित थे।
रिपोर्ट के अनुसार, अनाचार रेप मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। जहां 2012 में ऐसे मामलों की संख्या 392 थी, जबकि 2013 में यह आंकड़ा 37 फीसदी बढ़कर 536 पहुंच गया।
रिपोर्ट में चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि ज्यादातर पीड़िताओं की उम्र 10-18 साल थी।
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर चिंता जताते हुए हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और राजस्थान हाईकोर्ट के रिटायर जज वीएस कोकजे ने कहा कि परिचित व्यक्तियों द्वारा बलात्कार की बढ़ती घटनाएं व्यापक सामाजिक द्वेष का संकेत है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति से मात्र कानून लागू कर नहीं निपटा जा सकता है। ऐसे हालातों से निपटने के लिए समाज को मजबूत कदम उठाने होंगे।