ड्रिल करते समय पहनने के लिए वर्दी नहीं और अभ्यास करना हो तो एक मैदान तक नहीं।
उस पर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाने के लिए गणतंत्र दिवस परेड में दूसरे राज्यों को पिछाड़ने का दबाव।
एक बार फिर राज्य सरकार की उपेक्षा के कारण संसाधनों के अभाव में कड़ी मेहनत करने वाले उत्तर प्रदेश के 117 एनसीसी कैडेट जीत का जज्बा दिल में लेकर रविवार को दिल्ली कूच कर जाएंगे।
इसमें से 112 कैडेट आर्मी, नेवी और एयरफोर्स विंग के होंगे जबकि पांच कैडेट घुड़सवार दल के होंगे।
दिल्ली में 31 दिसंबर से 25 जनवरी तक कड़े अभ्यास के बाद वह राजपथ पर उत्तर प्रदेश एनसीसी का झंडा हाथ में लेकर अपना शानदार प्रदर्शन करेंगे।
मैदान तक नहीं मुहैया
देश में एनसीसी के 17 निदेशालय हैं, जिनमें करीब 1.20 लाख कैडेटों की संख्या के साथ उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। राज्य सरकार की ओर से इन कैडेटों के लिए आज तक प्रशिक्षण के लिए मैदान तक नहीं मुहैया कराया जा सका है। यूपी एनसीसी संसाधनों के अभाव से जूझ रही है।
पिछले साल जहां बूचड़ी मैदान में असम रेजीमेंट की खाली बैरक में कैडेटों को स्थान मिला था, वहीं इस बार सम्पूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण केंद्र में उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियां की हैं।
पिछले पांच साल में गणतंत्र दिवस परेड में महाराष्ट्र, पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों का दबदबा रहा है।
जबकि यूपी एनसीसी के कैडेट प्रशिक्षण की मूलभूत आवश्यकताओं की कमी के कारण टॉप पांच की सूची में भी अपना स्थान नहीं बना सके हैं।
हालांकि, इस बार प्रदर्शन में सुधार करने के लिए कर्नल बिंद्रा और कर्नल अखिलेश यादव ने कैडेटों को योजनाबद्व तरीके से प्रशिक्षण दिया है।
ड्रिल, इंटीग्रेशन प्रोग्राम और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया है। कर्नल बिंद्रा उम्मीद जताते हैं कि इस बार यूपी एनसीसी के बच्चे एक नया रिकॉर्ड बनाकर लौटेंगे।
खेली जाएगी अवध की होरी
इस बार सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्तर प्रदेश की थीम अवध की होरी रखी गई है। यूपी एनसीसी के कैडेट अवध की होरी का शानदार प्रदर्शन करेंगे। जबकि लोक नृत्य कार्यक्रम में झांसी की रानी नाटिका का मंचन किया जाएगा। नेशनल इंटीग्रेशन अवेयरनेस प्रोग्राम में 20 मिनट के कार्यक्रम में यूपी की सांस्कृतिक धरोहरों को दर्शाया जाएगा।