राजधानी लखनऊ में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को एलान किया है कि 29 मई को निजीकरण के विरोध में देशभर में प्रदर्शन किया जाएगा। 20 मई को प्रदेश के सभी जिलों और परियोजनाओं पर व्यापक विरोध प्रदर्शन होंगे।
नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे प्रदेश के बिजलीकर्मियों पर कोई भी दमनात्मक कार्यवाही की गई तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी, जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। इसी क्रम में 14 मई से चल रहा वर्क टू रूल सोमवार को भी जारी रहा।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि पावर काॅरपोरेशन की ओर से 30 फीसदी बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। यह निजीकरण की झांकी मात्र है। निजीकरण होने के बाद यह मनमानी बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि पावर काॅरपोरेशन प्रबंधन बैलेंस शीट में फर्जीवाड़ा कर रहा है। बढ़ा चढ़ा कर घाटा दिखा रहे हैं, जिससे निजीकरण के बाद कार्पोरेट घरानों को फायदा हो सके।