लखनऊ। पैरामेडिकल क्षेत्र में रोजगार के बढ़ते अवसरों को ध्यान में रखते हुए सोमवार को नेशनल पीजी. कॉलेज और डॉ. टीएस. मिश्रा यूनिवर्सिटी के बीच समझौता (एमओयू) हुआ। इसके तहत विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के बीच इंटर्नशिप करने का अवसर मिलेगा। इससे उनके रोजगार की संभावनाएं मजबूत होंगी।
एमओयू के तहत नेशनल पीजी. कॉलेज के सेंटर ऑफ वोकेशनल एंड फ्यूचरिस्टिक स्टडीज की ओर से संचालित बीवोक के पैरामेडिकल पाठ्यक्रम-ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, फिजियोथेरेपी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी और हॉस्पिटल मैनेजमेंट के विद्यार्थी डॉ. टीएस. मिश्रा यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यहां उन्हें अत्याधुनिक लैब, उपकरणों और जांच प्रक्रियाओं का अनुभव मिलेगा।
छात्रों को मिलेगी अस्पताल जैसी ट्रेनिंग
ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी के विद्यार्थी ऑपरेशन से पहले की तैयारी, संक्रमण नियंत्रण और ऑपरेशन के बाद की सावधानियों को समझेंगे। फिजियोथेरेपी के विद्यार्थी न्यूरो संबंधी बीमारियों की रिकवरी से जुड़ी गतिविधियों और डायबिटीज के कारण होने वाले फ्रोजन शोल्डर जैसे मामलों में उपचार पद्धतियों का अभ्यास करेंगे। मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी के छात्र जांच प्रक्रियाओं और उपकरणों के इस्तेमाल की व्यावहारिक जानकारी लेंगे।
कुशल मानव संसाधन होगा तैयार
डॉ. टीएस. मिश्रा यूनिवर्सिटी के निदेशक (एडमिशन एवं मार्केटिंग) दीपक कुमार शाही ने कहा कि यह साझेदारी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार करेगी। नेशनल पीजी. कॉलेज के प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने इसे शिक्षा में सिद्धांत और व्यवहार के बीच की दूरी कम करने वाला अहम कदम बताया। सीवीएफएस के समन्वयक प्रो. पवन कुमार सिंह के अनुसार भविष्य में दोनों संस्थान संयुक्त शोध, सेमिनार और कार्यशालाएं भी करेंगे। इससे विद्यार्थियों को सीखने के और अवसर मिलेंगे।