नेशनल पीजी कॉलेज ने दूसरे कॉलेजों के लिए नजीर पेश की है। महाविद्यालय ने विद्यार्थियों की तैयारी के तरीके को देखते हुए सेमेस्टर परीक्षा पूरे तीन घंटे की कराने का फैसला किया है। शुक्रवार को परीक्षा कार्यक्रम वेबसाइट पर जारी कर दिया। परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होगी। महाविद्यालय प्रशासन का यह कदम इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि लखनऊ विश्वविद्यालय तक डेढ़ घंटे की बहुविकल्पीय परीक्षा करा पा रहा है।
कोरोना की वैक्सीन आने के बाद पढ़ाई के साथ ही परीक्षा की गाड़ी पटरी पर आने लगी है। नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ विश्वविद्यालय का एकमात्र स्वायत्त कॉलेज है। इसलिए कॉलेज के पास अपनी पढ़ाई और परीक्षा प्रणाली तय करने का अधिकार है। लखनऊ विवि ने कोरोना का हवाला देते हुए बहुविकल्पीय सवाल आधारित प्रणाली पर करने की तैयारी शुरू कर दी है। परीक्षा का समय भी तीन घंटे से घटाकर डेढ़ घंटा कर दिया गया है। वहीं, नेशनल पीजी कॉलेज ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए परीक्षा लिखित प्रणाली पर तीन घंटे में ही कराने का फैसला किया है।
कॉलेज ने ही सबसे पहले शुरू की थी ऑनलाइन परीक्षा
नेशनल पीजी कॉलेज ने कोविड के समय बाकी कॉलेजों के सामने नजीर पेश की है। हालांकि, इससे पहले भी कॉलेज लीक से हटकर काम करता रहा है। लखनऊ विवि में जब एमसीक्यू आधारित परीक्षा की शुरुआत नहीं हुई थी, उससे कई साल पहले महाविद्यालय ने बीसीए की परीक्षा ऑनलाइन कराकर इतिहास रचा था। उस समय नेशनल कॉलेज ऐसा करने वाला राजधानी का पहला संस्थान था।
ओएमआर पर परीक्षा का लविवि में हुआ था विरोध
लखनऊ विवि ने पिछले सेमेस्टर में भी ओएमआर पर परीक्षा कराई थी। इसमें विधि संकाय के काफी विद्यार्थी फेल हुए थे। इसे लेकर उन्होंने कैंपस में कई दिन तक धरना-प्रदर्शन भी किया था। उनका कहना था कि उनकी पढ़ाई लिखित परीक्षा के आधार पर कराई गई थी, अचानक प्रणाली बदलने का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा था। लविवि को इस मामले पर कमेटी भी बनानी पड़ी थी। अब एक बार फिर से ओएमआर पर ही परीक्षा हो रही है।
10 से होगी परीक्षा
प्राचार्य नेशनल पीजी कॉलेज, डॉ. नीरजा सिंह ने बताया कि कॉलेज में ऑनलाइन के साथ ही विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन क्लास की सुविधा भी दी गई है। परीक्षा में भी पहले वाला माध्यम अपनाया गया है। 10 फरवरी से कॉलेज में लिखित परीक्षा के आधार पर सेमेस्टर इम्तिहान की शुरुआत होगी।