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Lucknow News: सोमवार से आम जनता के लिए खुल जाएगा राष्ट्र प्रेरणा स्थल

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पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल का किया लोकार्पण।
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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों बृहस्पतिवार को लोकार्पण होने के बाद अब बसंतकुंज योजना में बना राष्ट्र प्रेरणा स्थल सोमवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इन तीन दिनों में आयोजन की सुरक्षा को लेकर की गई गई बैरिकेडिंग और टेंट आदि हटाए जाएंगे, ताकि यहां आने वाले को किसी तरह की असुविधा न हो। प्रवेश निशुल्क रहेगा, मगर दो महीने बाद यहां शुल्क लगने लगेगा।
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एलडीए की बसंतकुंज योजना में 65 एकड़ में फैले राष्ट्र प्रेरणा स्थल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 65-65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं लगी हैं। इनकी खासियत है कि रात में ये हर दिन अलग-अलग कपड़े पहने दिखेंगे। ऐसा लगेगा कि जैसे रोज इनके कपड़े बदले जा रहे हैं। यह सब लाइट प्रोजेक्शन सिस्टम के जरिये होगा।
इन प्रतिमाओं में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है। इन्होंने ही दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का भी निर्माण किया था। वहीं, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार माटू राम ने किया है।
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75 करोड़ के कार्पस फंड से होगा रखरखाव

राष्ट्र प्रेरणा स्थल के रखरखाव के लिए 75 करोड़ रुपये का कार्पस फंड बनाया जा रहा है। इसमें शासन 50 करोड़ और एलडीए 25 करोड़ रुपये मिलाएगा। इसके लिए एलडीए ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। ये रकम बैंक में जमा होंगे और उस पर जो ब्याज मिलेगा, उसे रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि कार्पस फंड से ही जनेश्वर मिश्र पार्क सहित कई अन्य बड़े पार्कों का रखरखाव किया जा रहा है।
म्यूजियम में दिखेगा सजीव चित्रण
प्रेरणा स्थल पर बने म्यूजियम में तीनों महान विभूतियों के जीवन से जुड़े सभी संस्मरण प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें उनके जीवन के संघर्ष और उपलब्धियां चित्रों और म्यूरल्स से दर्शाई गई हैं। म्यूजियम ब्लॉक लगभग 98 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में बना है। इसमें वीवीआईपी व जनसामान्य के लिए दो गेट हैं। पांच गैलरी हैं, जिनमें महान विभूतियों की फोटो, स्टोन म्यूरल्स के साथ ही डिजिटल पैनल पर लाइव ऑडियो-वीडियो विजुअल्स प्रदर्शित किए जाएंगे।

संचालन समिति तय करेगी टिकट की दर
राष्ट्र प्रेरणा स्थल में प्रवेश के लिए टिकट की दर कितनी रखी जाएगी और म्यूजियम का टिकट अलग होगा या प्रवेश शुल्क के साथ ही होगा, ये सब शासन की ओर से बनाई गई उच्चस्तरीय संचालन समिति तय करेगी। जानकारों का कहना है कि संभव है कि प्राणि उद्यान की तर्ज पर प्रवेश शुल्क और म्यूजियम का शुल्क अलग-अलग रखा जाए, ताकि जो म्यूजियम में न जाना चाहे, उसे अतिरिक्त शुल्क न देना पड़े।

फैक्ट फाइल

आयोजन स्थल पर तीन हेलीपैड हैं
यह स्थल ग्रीन कॉरिडोर से जुड़ा है, ऐसे में आवागमन आसान है।
निर्माण दिसंबर 2022 में शुरू हुआ।
ग्वालियर का मार्बल लगाया गया है।
करीब दो लाख लोगों की बैठने की क्षमता वाला मैदान है
ऊंचा और सबसे बड़ा पक्का मंच है
मंच के आगे 3000 लोगों की क्षमता का एम्फीथिएटर है।

मंच तक पहुंचने के लिए हाईड्रोलिक सीढ़ी है।

लोकार्पण 25 दिसंबर को हुआ।

पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल का किया लोकार्पण।

पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल का किया लोकार्पण।

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