राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और केंद्र सरकार को 70 लड़कियों को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। दरअसल इन लड़कियों के 2017 में मुजफ्फरनगर के एक सरकारी आवासीय स्कूल में कथित तौर पर कपड़े उतरवा कर मासिक धर्म के रक्त की जांच की गई थी।
वकील राधाकांत त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका पर विचार करते हुए आयोग ने दोनों सरकारों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है। त्रिपाठी ने कहा, सरकारी स्कूल की वार्डन ने इन लड़कियों की जांच के लिए उनके कपड़े उतरवाए थे। दरअसल बाथरूम में खून देख कर वार्डन को गुस्सा आ गया था।
छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें जांच के दौरान कक्षा में नग्न बैठाया गया था। आयोग ने राज्य की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट पर विचार करते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को 70 लड़कियों को 25-25 हजार रुपये के भुगतान के सबूत के साथ अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।