अखिलेश यादव की मौजूदगी में नसीमुद्दीन सपा में शामिल
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इस मौके पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसा कि आज हमारे पास फूल आ गए हैं, तो किसी का फूल मुरझाता जा रहा है। राजकुमार पाल के आने से हमारे श्यामलाल पाल और मजबूत होने जा रहे हैं। कुछ लोग शंकराचार्य को भी अपमानित कर रहे। उनके साथ हम लोग हैं। शंकराचार्य शंका से परे होते हैं। इनकी भाषा ऐसी है, जब 'मुंह खोला... तब बुरा बोला'। जो लोग अधिकारियों के माध्यम से दूसरों के सर्टिफिकेट मांग रहे हैं, उनके सर्टिफिकेट कहां हैं।
सपा मुखिया ने सीएम का नया मतलब बताया। उन्होंने कहा कि आजकल सीएम का मतलब करप्ट माउथ भी है। आज दिल्ली और लखनऊ दोनों जगह की हवा खराब है। तंज कसा कि हमारे मुख्यमंत्री विष्ट जी खिलाड़ी तो हैं, लेकिन खेल नहीं पा रहे हैं। जब से भाजपा सरकार आई है तब से मंझा और गांजा बहुत पकड़ा जा रहा है। एक जगह जनसुनवाई में सांड घुस गया।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ दिन पहले हमने 300 करोड़ से ज्यादा के राफेल खरीदे। बताओ मेक इन इंडिया का क्या हुआ? बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट का घोटाला किया जा रहा है, इसीलिए पंचायत चुनाव में देरी हो रही है। जो लोग अंगूठा लगाते हैं, बीजेपी ने फार्म-7 में उसके दस्तखत करा दिए। सपा मुखिया ने एक बार फिर जातीय जनगणना कराने पर जोर दिया।
यूपी के कद्दावर नेताओं में गिनती
नसीमुद्दीन सिद्दीकी कद्दावर नेता माने जाते हैं। इससे पहले बसपा की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उनका राजनीतिक अनुभव और पकड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत मानी जाती है। कांग्रेस छोड़ने के बाद प्रदेश या केंद्रीय नेतृत्व ने उनके जाने पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की थी।
सपा को मिला एक मुस्लिम चेहरा
नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में आने के बाद पार्टी को एक मजबूत मुस्लिम चेहरा मिल गया है। आजम खां के लगातार जेल में रहने के बाद पार्टी के पास जमीनी रूप से जुड़ा ऐसा कोई चेहरा नहीं था। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इससे सपा को लाभ मिलने की उम्मीद है।