चार मुस्लिम विधायक और एक पूर्व मंत्री बुधवार को हाथी पर सवार हो गए। इनमें तीन विधायक कांग्रेस और एक सपा का है। भाजपा नेता व पूर्व मंत्री अवधेश कुमार वर्मा ने भी बसपा का दामन थाम लिया। बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इन पांचों को पार्टी में शामिल करने की घोषणा की।
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बसपा में शामिल होने वाले सभी विधायकों पर विधान परिषद के पिछले चुनाव में क्रास वोटिंग करने का आरोप है। कांग्रेस व सपा इन विधायकों को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर चुकी है।
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बसपा विधानमंडल दल के कार्यालय में मीडिया से मुखातिब नसीमुद्दीन ने बताया कि स्वार (रामपुर) से कांग्रेस विधायक नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां, स्याना (बुलंदशहर) से कांग्रेस विधायक दिलनवाज खां, तिलोई (अमेठी) से कांग्रेस विधायक डॉ. मो. मुसलिम, बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) से सपा विधायक नवाजिश आलम खां और ददरौल (शाहजहांपुर) से दो बार विधायक व पूर्व मंत्री रहे अवेधश वर्मा ने बसपा की नीतियों व मायावती की शैली से प्रभावित होकर पार्टी ज्वाइन की है।
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दूसरे दलों से निष्कासित व निलंबित विधायकों को बसपा में शामिल करने संबंधी सवाल पर नसीमुद्दीन ने कहा कि उन्हें बसपा में शामिल करने का अधिकार सुरक्षित था।
बसपा के कुछ विधायकों के पार्टी छोड़ने और भाजपा में जाने के सवाल सवाल पर उन्होंने कहा कि जिनके टिकट कटे हैं, उनमें से कुछ लोग ऐसी हरकतें कर रहे हैं किसी और के बसपा छोड़ने की जानकारी नहीं है।