प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान, ‘भारत के मुसलमान देश के लिए ‘जीएंगे-मरेंगे, का इलाहाबाद के उलेमा और आम मुसलमानों ने दिल खोलकर स्वागत किया है।
शनिवार को अमर उजाला से हुई बातचीत में कहा कि मोदी ने सही वक्त पर सही बयान देकर अमन के दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने साबित किया है कि वह वाकई देश के सवा अरब लोगों के प्रधानमंत्री हैं।
उर्दू फरोग काउंसिल के सचिव मौलाना अहमद मकीन कहते हैं कि मुसलमानों ने हमेशा मुल्क के साथ वफादारी की है। हुकूमतें किसी की भी रही हो मुसलमान हमेशा मुल्क के साथ खड़ा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान से उनका हौसला और बढ़ा है।
'देश तोड़ने वालों को लगा झटका'
मुफ्ती सैयद हमजा खालिद ने भी मोदी के बोल की सराहना की है। कहा, यह देश की एकता और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने वाला बयान है। अलबत्ता इससे उन लोगों को झटका लग सकता है, जो देश को तोड़ने की राजनीति कर रहे हैं।
मसजिद दोंदीपुर के इमाम कारी नईम के मुताबिक मुसलमान एक जज्बाती कौम है। अगर मोदी जी मुहब्बत का पैगाम लेकर एक कदम आगे आएं हैं तो मुसलमान उनकी तरफ दौड़कर जाएंगे।
चक स्थित शिया जामा मसजिद के इमाम मौलाना हसन रजा मानते हैं कि यह एक तसल्लीबख्श बयान है। कहा, मुसलमान ईमानदार और वफादार कौम है। वह देश के लिए जीती है और देश के लिए मर मिटना जानती है। बेहद खुशी की बात है कि देश के सवा अरब लोगों के प्रधानमंत्री ने इसे कुबूल किया है।
मुसलमानों को भरोसे की जरूरत
मुफ्ती जैद भी मोदी के इस बोल की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं। कहा, ‘मोदी जी इस एक बयान से आप देश के करोड़ों मुसलमानों के दिलों में दाखिल हो गए हैं। यह सिलसिला बहुत दूर तक जाएगा’।
मिल्ली फाउंडेशन के सचिव मुफ्ती सैफुर्रहमान पूरी ताकत के साथ इस बात को कहते हैं कि इस देश के मुसलमानों को दो वक्त की रोटी से ज्यादा किसी की मुहब्बत और भरोसे की जरूरत है। मोदी जी ने ‘हम’ पर भरोसा जताया है तो ‘हम’ भी उन्हें निराश नहीं करेंगे।