अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के धनवंतरि भवन (इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी) की लैबों का नामकरण फार्मेसी जगत की हस्तियों के नाम पर किया गया है। इस भवन में म्यूजियम और लाइब्रेरी के साथ सेमिनार हाल की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां पर अब पढ़ाई के दौरान छात्र-छात्राओं को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विशिष्ट अनुभव होगा।
विश्वविद्यालय के धनवंतरि भवन के ग्राउंड फ्लोर में कुल 23 कक्ष हैं। इसमें निदेशक कक्ष, विजिटर रूम, कंप्यूटर रूम, ऑफिस-1 और कोऑर्ग्नेटर रूम बनाया गया है। इसके साथ ही केमिकल का स्टोर भी है। ग्राउंड फ्लोर पर पांच लैब बनाई गई हैं। इनका नामकरण फार्मेसी व चिकित्सा जगत की विभूति एमएल स्क्राफ, आरके कंबोज, हरिकिशन सिंह, आरएन चोपड़ा और हरगोविंद खुराना के नाम पर किया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर ही डी फार्मा के कोआर्डिनेटर कक्ष के साथ पांच फैकल्टी रूम और दो लेक्चर रूम बना है। सेंट्रल इंस्टूमेंट रूम, मशीन रूम, स्टोर-एक व नित्या आनंद सेमिनार हाल भी इसी फ्लोर पर बना है।
भवन के फर्स्ट फ्लोर पर कुल 25 कक्ष हैं। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग दो कॉमन रूम बनाए गए हैं। यहीं पर सात फैकल्टी रूम, म्यूजियम, चार लेक्चर रूम, लाइब्रेरी और रिफ्रेंस बुक रूम बनाया गया है। परीक्षा व रिकॉर्ड रूम अलग से बनाया गया है। इस मंजिल पर आठ लैब बनाई गई हैं। इनका नामकरण असीमा चटर्जी, केएम बंदोपाध्याय, बी मुखर्जी, केडी त्रिपाठी, उपेंद्र नाथ ब्रह्मचारी, स्नेह रानी जैन, सीके कोकटे और केएम नादकर्णी जैसी शख्सियतों के नाम पर किया गया है।