लखनऊ। पॉलीटेक्निक की दिसंबर 2025 की वार्षिक परीक्षा के दौरान की गई ‘छोटी-छोटी लापरवाहियां’ अब उनके भविष्य पर सवाल बनकर खड़ी हो गई हैं। किसी ने हाथ पर नाम लिख लिया था तो किसी ने पेपर पर डायग्राम बनाया था। प्राविधिक शिक्षा परिषद ने नकल के आरोप में 52 छात्रों का परिणाम रोक दिया है। मंगलवार को ये सभी छात्र परिषद मुख्यालय पहुंचकर गठित कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए परिणाम जारी करने की गुहार लगाते नजर आए।
बलिया से आए सिविल इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के एक छात्र ने बताया कि परीक्षा के दौरान भूलवश हाथ पर नाम और कुछ अंक लिख लिए थे। इसे नकल की श्रेणी में मान लिया गया। वहीं कानपुर से पहुंचे एक छात्र के मुताबिक उत्तर पुस्तिका और प्रश्नपत्र एक साथ मिलने पर उसने प्रश्न के अनुसार पीछे की ओर डायग्राम बनाने का अभ्यास कर लिया, जिसे अनुचित साधन मानकर उस पर नकल का आरोप लगा दिया गया।
प्रयागराज निवासी मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र ने बताया कि परीक्षा कक्ष में किसी ने जमीन पर कागज का एक टुकड़ा फेंक दिया था। कक्ष निरीक्षक ने उसे उसी छात्र से जोड़ते हुए फार्म भरवा दिया और नकल का आरोपी घोषित कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि वे जानबूझकर नकल नहीं कर रहे थे, बल्कि छोटी गलतियों को नियम उल्लंघन मान लिया गया। परिषद में सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने आगे से सतर्क रहने की नसीहत दी, लेकिन छात्रों के मन में एक साल खराब होने का डर साफ झलकता रहा।
प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव एसके सिंह ने बताया कि निदेशक की निगरानी में एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी ने सभी छात्रों का पक्ष सुना है। अब उनके बयानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।